राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले में कस्टम मिलिंग के नाम पर राइस मिलर्स ने 5 करोड़ 47 लाख 58 हजार 331 रुपए की 23 हजार 808 क्विंटल धान खुले बाजार में बेच दिया। हैरानी वाली बात यह है कि पहले जांच में गड़बड़ी नहीं पाया गया। जब कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा न करने का मामला सामने आया,तो सच्चाई सामने आई। कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 18 राइस मिलर्स पर पेनल्टी लगाने और धान के स्टाक की जांच करने के निर्देश दिए।11691 क्विंटल धान का स्टाॅक गायब मिला। 18 राइस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा नहीं किया था।

11691 क्विंटल धान का स्टॉक गायब
जांच में धान की कस्टम मिलिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई। खैरलॉजी की मातारानी राइस मिल की जांच में लगभग 1 करोड़ 49 लाख 22 हजार 331 रुपए मूल्य के 6488 क्विंटल धान का स्टॉक नहीं मिला। इसी तरह, लॉजी स्थित मां पूर्णा राइस मिल में 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार 700 रुपए मूल्य के 5629 क्विंटल और गर्रा की मां कमला देवी राइस मिल में 2 करोड़ 68 लाख 89 हजार 300 रुपए मूल्य के 11691 क्विंटल धान का स्टॉक गायब पाया गया।कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर इन तीनों राइस मिलर्स के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

5.5 करोड़ रुपए की धान गायब
केंद्र सरकार के निर्देश पर 30 अगस्त तक जिले की सभी राइस मिलों की जांच की गई थी। उस समय सभी जगह धान और चावल उपलब्ध होने की बात सामने आई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि पहले की जांच में सब ठीक कैसे पाया गया, जबकि अब 5.5 करोड़ रुपए की धान गायब मिली है।13 अक्टूबर को कलेक्टर मृणाल मीणा ने बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन राइस मिलर्स ने धान की कस्टम मिलिंग के बाद अब तक चावल जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ पेनल्टी लगाने की कार्रवाई करें। 18 राइस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा नहीं किया था।