NGT दल ने देखा देवी तालाब को मारने के खेल में कौन- कौन हैं शामिल - rashtrmat.com

NGT दल ने देखा देवी तालाब को मारने के खेल में कौन- कौन हैं शामिल

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।शासकीय देवी तालाब के संरक्षण के लिए एनजीटी ने दौरा किया।क्यों कि द्वारिका नाथ चौधरी और प्रदीप परांजपे ने एनजीटी भोपाल में एक याचिका 23 सितम्बर 25 को दायर की थी।बालाघाट के देवी तालाब के संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर शुक्रवार को एक टीम ने निरीक्षण किया। इस टीम में पर्यावरण कंट्रोल बोर्ड जबलपुर के प्रतिनिधि कैलाश सोनी, इफको भोपाल के प्रतिनिधि मनोज विश्वकर्मा और प्रशासनिक प्रतिनिधि एसडीएम गोपाल सोनी शामिल थे।


देवी तालाब को मारने का खेल
देवी तालाब की स्थिति का निरीक्षण कर सार्थक कार्रवाई करने की अपील की गयी थी। एनजीटी तीन सदस्यीय दल गठित कर शासकीय देवी तालाब का निरीक्षण कर अपना प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया।एनजीटी दल ने देखा कि किस तरह देवी तालाब को मारने को खेल खेला जा रहा है।  निरीक्षण दल को याचिकाकर्तागण एवं स्थानीय निवासियों ने देवी तालाब का भ्रमण कर दिखाया कि किस तरह देवी तालाब को मारने का खेल यहां खेला जा रहा है। तरह यहां के लोग दूषित मल,जल सीधे शासकीय देवी तालाब में छोड़ रहे हैं।जिससे तालाब का पानी किस तरह दूषित हो रहा है। देवी तालाब के जलीय क्षेत्र की भूमि को भरकर उसमें अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किये गए हैं। नगर पालिका परिषद बालाघाट वार्डो से एकत्रित किये गए कचरे को देवी तालाब में डालकर उसे भरने का काम कर रहा है।ताकि लोग अतिक्रमण कर सकें।


सिमट रहा है देवी तालाब
याचिकाकर्ता द्वारका प्रसाद चौधरी का आरोप है कि लगभग 16 एकड़ 14 डिसमिल का यह तालाब अब केवल 8 से 9 एकड़ में ही सिमट गया है। उनका कहना है कि करीब 6 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर भवन और दुकानें बना ली गई हैं, जबकि डेढ़ से दो एकड़ तालाब को नगर पालिका ने मिट्टी से पाट दिया है।वही नगर पालिका परिषद बालाघाट गणेश मंदिर के पास कचरा डालकर लगभग 2 एकड़ जमीन पाट दिया गया है।

10 नवंबर को सुनवाई

चौधरी ने टीम को तालाब की वास्तविक स्थिति, अतिक्रमण और पाटने की पूरी जानकारी दी। उन्होंने देवी तालाब में पांच नालों और नालियों से आने वाले गंदे पानी के स्रोतों के बारे में भी बताया, जिसका टीम ने निरीक्षण किया। इस आधार पर टीम एनजीटी में एक रिपोर्ट पेश करेगी, जिस पर 10 नवंबर को सुनवाई होनी है।


NGT के निरीक्षण के साथ
शासकीय देवी तालाब के निरिक्षण के समय निरिक्षण दल के साथ याचिकाकर्ता द्वारका नाथ चौधरी , प्रदीप परांजपे, पी.एल पुछिया, राम मोटवानी अजय मोदी, अधिवक्ता कलीम कुरैशी धर्मेन्द्र कुरिल, मंजय भंसाली, मिलिंद ठाकरे एवं अन्य स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। याचिकाकर्ता की ओर से एनजीटी भोपाल में अधिवक्ता धरमवीर शर्मा पैरवी कर रहे है। जिन्होंने बूढी स्थित शासकीय मेहरा तालाब के पुर्नस्थापन एवं कायाकल्प के लिए भी पैरवी की थी और उनके प्रयास से शासकीय मेहरा तालाब सुरक्षित हो सका है।

 

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