सिपाही लक्ष्मण की सेलरी 40 हजार,अवैध गांजे की तस्करी से करोड़ों कमाया - rashtrmat.com

सिपाही लक्ष्मण की सेलरी 40 हजार,अवैध गांजे की तस्करी से करोड़ों कमाया

 राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। GRP के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाइन ने ट्रेनों में गांजा तस्करों से अवैध वसूली और गांजा की तस्करी कर 1.03 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। उसकी वैध आय और खर्च के बीच 1 करोड़ 3 लाख 33 हजार रुपए से अधिक का अंतर मिला है।

अवैध संपत्ति मिलने का खुलासा

बिलासपुर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) बिलासपुर की अदालत में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की संयुक्त टीम ने जीआरपी थाना बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक तथा बहुचर्चित गांजा तस्करी रैकेट के सरगना लक्ष्मण गाईन के खिलाफ अभियोग पत्र पेश कर दिया है। जांच एजेंसी ने आरोपी के पास उसकी वैध आय से करीब 1,03,33,033.50 रुपये अधिक मूल्य की अवैध संपत्ति मिलने का बड़ा खुलासा किया है।

बड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई
इस मामले में एसीबी बिलासपुर ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपी के पास उसकी वैध आय की तुलना में करोड़ों रुपये की अधिक संपत्ति का खुलासा होने के बाद यह बड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है।

लक्ष्मण गाईन पर आरोप

लक्ष्मण गाईन पर आरोप है कि, GRP बिलासपुर में पोस्टिंग के दौरान उसने साथी आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करों को पकड़ा। तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने के बजाय जब्त गांजा अपने पास रख लिया। उन्हें छोड़ने के एवज में मोटी रकम वसूल की।वसूली की रकम आपस में बांटने का भी आरोप है। मामला सामने आने के बाद GRP थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के बाद एसीसीयू बिलासपुर ने इस मामले में कोर्ट में चालान पेश किया था। फिलहाल, आरोपी इस केस में बिलासपुर जेल में बंद है।

आय और व्यय की पड़ताल में हुआ खुलासा
एसीबी की टीम ने 1 दिसंबर, 2024 को बिलासपुर स्थित आरोपी लक्ष्मण गाईन के निवास और अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान जांच टीम द्वारा जुटाई गई आय और व्यय की विस्तृत जानकारी के मुताबिक आरोपी लक्ष्मण गाईन की कुल वैध आय लगभग 86,76,270 रुपये पाई गई थी। इसके विपरीत गहन जांच-पड़ताल में उसका कुल व्यय 1,90,09,303.50 रुपये दर्ज किया गया। इस प्रकार आरोपी की आय से करीब 1,03,33,033.50 रुपये अधिक खर्च अथवा अवैध संपत्ति का प्रमाणित आंकड़ा सामने आया है। जांच एजेंसी को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही न्यायालय में यह चार्जशीट दाखिल की गई है।

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