55 फीट का रावण जलेगा रीवा में,कुंभकरण-मेघनाथ 45 के फीट बनाए गए - rashtrmat.com

55 फीट का रावण जलेगा रीवा में,कुंभकरण-मेघनाथ 45 के फीट बनाए गए

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व रीवा में परंपरागत उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। शहर के एनसीसी मैदान में कल भव्य रावण वध एवं पुतला दहन का आयोजन होगा। इस दौरान आसमान छूते पुतलों के दहन के साथ पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठेगा।

140 मजदूर लगाए गए थे

रीवा में दशहरा उत्सव के दौरान इस बार 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसे बनाने में डेढ़ महीने लगे। इस काम में 140 मजदूर लगाए गए थे। वहीं इस बार कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले 45-45 फीट ऊंचे बनाए गए हैं।आयोजन का मुख्य आकर्षण 55 फीट ऊंचा रावण होगा, जबकि 50-50 फीट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा।

डेढ़ माह में रावण का पुतला बना
रावण,कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला बनाने वाले कारीगर शेषमणि दहिया ने बताया कि दशहरा पर्व पर रावण,कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाने के लिए इसकी तैयारी डेढ़ माह पहले की शुरू कर दी गयी थी। इस बार पिछली बार की तुलना में रावण का पुतला छह फीट उंचा बनाया गया है। इस काम में 140 मजदूर लगाए गए थे। मजदूरों ने पुतलों के ढांचे बनाने से लेकर उनकी सजावट तक का काम किया।

कार्यक्रमों के बाद रावण दहन

रीवा में दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन प्रमुख आकर्षण रहता है। इस अवसर पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की झांकी के साथ चल समारोह निकालने की परंपरा है।राजघराने से जुड़ी परंपरा के तहत किला परिसर में गद्दी पूजन किया जाता है। इसके बाद चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचता है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद रावण दहन किया जाता है।

45 वर्षों से निभाई जा रही परंपरा
रीवा के एनसीसी मैदान में दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन की परंपरा पिछले 45 वर्षों से चली आ रही है। वर्षों से आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का अहम हिस्सा बन चुका है। हर साल लोग परिवार के साथ पहुंचकर इस आयोजन के साक्षी बनते हैं।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
दशहरा पर्व भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय प्राप्त करने की याद दिलाता है। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन अधर्म, अहंकार और बुराई के अंत का प्रतीक माना जाता है। रीवा के एनसीसी मैदान में होने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी बनेगा।  आयोजन में भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध का दृश्य प्रमुख आकर्षण रहेगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक कार्यक्रम भी उत्सव का हिस्सा होंगे।

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