राष्ट्रमत न्यूज,मुंबई(ब्यूरो)। मुंबई में इस साल मानसून के देरी से आने के कारण पानी की किल्लत शुरू हो गई है। मुंबई को पानी देने वाली झीलों में पानी का स्टॉक घटकर सिर्फ 10.35 प्रतिशत रह गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएमसी (बीएमसी) ने मंगलवार को नए और कड़े आदेश जारी किए हैं।पूरे शहर में पहले से चल रही 10 फीसदी पानी की कटौती आगे भी जारी रहेगी ताकि बचा हुआ पानी लंबे समय तक चल सके।

10 फीसदी पानी की कटौती
बीएमसी ने उद्योगों, कमर्शियल प्रतिष्ठानों और स्पोर्ट्स क्लबों को मिलने वाले रोजाना के पानी में 20 फीसदी की कटौती कर दी है। इसके अलावा, आम जनता के लिए पूरे शहर में पहले से चल रही 10 फीसदी पानी की कटौती आगे भी जारी रहेगी ताकि बचा हुआ पानी लंबे समय तक चल सके।
BMC के नए और सख्त नियम
भारी जल संकट को देखते हुए बीएमसी ने सबसे पहले तो शहर के सभी स्विमिंग पूलों को मिलने वाले पानी का कनेक्शन फिलहाल के लिए काट दिया गया है। इसके अलावा फिलहाल नए निर्माण कार्यों के लिए पानी का कोई नया कनेक्शन नहीं दिया जाएगा और पुरानी चल रही साइटों के अस्थाई पानी कनेक्शन भी तुरंत प्रभाव से रोक दिए गए हैं।
गाड़ी धोने और गार्डनिंग पर बैन
बीएमसी के नए नियमों के तहत पीने के पानी से गाड़ियां धोने, बागवानी करने या सड़कें साफ करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बीएमसी ने लोगों से इन कामों के लिए बोरवेल या कुएं के पानी का इस्तेमाल करने को कहा है। ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति पीने का पानी बर्बाद या उसका गलत इस्तेमाल करता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
रीसायकल पानी इस्तेमाल करने का आदेश
इसके अलावा बीएमसी ने साफ किया है कि रेलवे आरसीएफ (RCF), एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL), एमआईडीसी (MIDC) और नेवी जैसी बड़ी संस्थाओं और भारी उद्योगों को अब अपने कामकाज के लिए साफ किए हुए गंदे पानी का ही इस्तेमाल करना होगा।