बालाघाट में सात घंटे बिजली गुल रही,बिजली विभाग के सारे दावे फेल - rashtrmat.com

बालाघाट में सात घंटे बिजली गुल रही,बिजली विभाग के सारे दावे फेल

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में तेज हवाओं और बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में 7 घंटे तक बिजली गुल रही। शाम 5 बजे से शुरू हुई बिजली कटौती आधी रात 12 बजे तक जारी रही। जिससे मोतीनगर और प्रेमनगर सहित अन्य क्षेत्रों के निवासी परेशान रहे।जबकि विभाग मेंटेनेस के नाम पर बिजली कटौती की बात करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्री मानसून में ही बिजली विभाग के सारे दावे फेल कैसे हो गए। नौतपा में बिजली कटौती से केवल आम लोग ही परेशान नहीं हो रहे बल्कि व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही है। शनिवार की शाम को तेज हवा और बारिश की वजह से बिजली विभाग ने सात घंटे बिजली गुल कर दी।

13 केवी लाइन बंद की गई

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बिजली विभाग अक्सर रखरखाव के नाम पर घंटों बिजली काटता है। इसके बावजूद, तेज हवा और बारिश होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। शनिवार शाम को भी आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली बंद कर दी गई। पूछताछ करने पर विभाग ने बताया कि एहतियात के तौर पर 13 केवी लाइन बंद की गई है।

सुधार कार्य जारी है

हवा और बारिश थमने के बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई। लोगों को 7 घंटे तक बिजली का इंतजार करना पड़ा। विभाग ने पहले बताया कि तूफान के कारण पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है और सुधार कार्य जारी है। बाद में विवेकानंद कॉलोनी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी दी गई। इस लंबी कटौती से प्रेमनगर और मोतीनगर के लोग आधी रात तक गर्मी और असुविधा से जूझते रहे।

व्यासायिक नुकसान हो रहा
बिजली विभाग के मानसून पूर्व रखरखाव के दावों पर नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि रखरखाव के नाम पर बिजली काटी जाती है तो फिर तेज हवा और बारिश में बिजली क्यों बंद हो जाती है। विजय ठारवानी ने कहा कि बिजली गुल होने से न केवल घरों में बच्चे और अन्य सदस्य परेशान होते हैं बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों को भी नुकसान होता है। उन्होंने विभाग से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।