राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट शहर से लगे आंवलाझरी पंचायत के कटिंगटोला क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब अंडरग्राउंड नाली में किसी वन्यजीव के छिपे होने की सूचना सामने आई। स्थानीय लोगों ने उसे तेंदुआ समझ लिया। जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एहतियातन रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

अफरा तफरी मचा
वन विभाग को भरवेली क्षेत्र के कटिंगटोला में 80 फीट लंबी अंडरग्राउंड पाईप पुलिया में वन्यजीव के छिपे होने की सूचना ग्रामीणों ने दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा था कि नाली के भीतर तेंदुआ छिपा हुआ है। तेंदुए की आशंका के चलते बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की रेस्क्यू टीम और पुलिस बल ने इलाके को सुरक्षित घेराबंदी में लिया। नाली के दोनों सिरों पर पिंजरे लगाए गए।यदि वास्तव में तेंदुआ है तो सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।

ग्रामीणों ने राहत की सांस ली
अधिकारियों ने घंटों तक सावधानीपूर्वक निगरानी करते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को धीरे-धीरे यह संदेह होने लगा कि नाली के भीतर मौजूद वन्यजीव तेंदुआ नहीं है। काफी देर बाद जब वह जीव नाली के किनारे दिखाई दिया तो टार्च की रोशनी में उसकी पहचान की गई। जांच में सामने आया कि जिस वन्यजीव को लोग तेंदुआ समझ रहे थे, वह दरअसल एक जंगली बिल्ली थी। जंगली बिल्ली की पुष्टि होते ही क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।