राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)।रीवा में पंचायत चुनाव को लेकर सांसद जनार्दन मिश्रा के पुत्र की अजब पंचायत है। उनका आरोप है कि मेरे प्रस्तावक का अपहरण हो गया है। और रीवा पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। वहीं वो कह रहे हैं पिछले 15 दिनों से उनकी पिता सांसद से बात चीत नहीं हुई है। वे यदि एक फोन कर दे तो काम हो जाए।

गांधी की तस्वीर लेकर मौन
पंचायत चुनाव होने के बाद सांसद पुत्र अंकुर मिश्रा की सियासी पंचायत ने हैरान कर दिया है। वे आज जिला कलेक्ट्रेड में गांधी की तस्वीर लेकर मौन व्रत कर अनशन पर बैठ गए हैं।जबकि पंचायत उपचुनाव का मतदान 29 सितम्बर को खत्म हो गया है। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के बेटे और उपचुनाव में उम्मीदवार रहे अंकुर मिश्रा चुनाव के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मौन धारण कर लिया
गांधी जयंती पर शाम को वे रीवा कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे रहे। उन्होंने तुलसी दल ग्रहण कर मौन धारण किया और सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू की। धरना स्थल पर आसपास मौजूद लोग राघुपति राघव राजा राम का कीर्तन कर रहे हैं।

प्रस्तावक के अपहरण का आरोप
अंकुर मिश्रा का आरोप है कि उनके प्रस्तावक का अपहरण कर पंचायत उपचुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई।मतदान के बाद आज तक सार्थक कार्रवाई नहीं की गयी है।वे बार बार कह रहे हैं उनके सांसद पिता एक फोन कर दें तो मामला सुलझ जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सांसद जर्नादन मिश्रा चुप क्यों हैं। जर्नादन मिश्रा फोन क्यों नहीं कर रहे हैं,इसका जवाब अंकुर के पास नहीं है।अंकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि मैं सांसद का बेटा हूं। जाहिर सी बात है कि जर्नादन मिश्रा और अंकुर के बीच सियासी द्वंद चल रहा है।
प्रशासन दुविधा में
पंचायत उपचुनाव में लगाए गए आरोपों और शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। अंकुर मिश्रा की मांग है पर कार्रवाई की जाए या नहीं प्रशासन दुविधा में है। हो सकता है कि वो सांसद जर्नादन मिश्रा के फोन का इंतजार किया जा रहा है।एसडीएम जितेंद्र तिवारी का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।