राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)।बालाघाट जिले के बैहर और बालाघाट कोर्ट ने नाबालिगों से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में शुक्रवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।एक आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए का अर्थदंड और दूसरे को दस वर्ष की सश्रम सजा और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

जंगल ले जाकर दुष्कर्म किया
पीडिता स्कूल की छुट्टी होने के बाद साईकिल से अपने घर वापस जा रही थी। जहां रास्ते में बंजारी माता मंदिर के पास शाम करीब 4.30 से 5.00 बजे के बीच उसकी साईकिल की चेन निकल गई तो वह ठीक कर रही थी। तभी गांव का दानियल मडावी आया और उसे जबरन करीब के जंगल ले जाकर बलात्कार किया। पीड़िता ने बचाव के लिये चीख-पुकार की, लेकिन कोई नही आया।
10 वर्ष की जेल10 हजार रुपये अर्थदंड
दुष्कर्म के दूसरे मामले में बालाघाट न्यायालय के विशेष न्यायाधीश गौतमसिंह मरकाम की अदालत ने दुरेंदा निवासी दानियल मडावी को 10 वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।विशेष लोक अभियोजक कपिल कुमार डहेरिया ने बताया कि आरोपी ने स्कूल से घर लौट रही छात्रा को रोककर जंगल में दरिंदगी की थी। लामता पुलिस ने केस दर्ज कर चालान पेश किया था, जहां सबूतों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ।
20 वर्ष के सश्रम कारावास
बैहर न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार गुर्जर की अदालत ने परसवाड़ा क्षेत्र के साल्हे निवासी शंकरसिंह मरकाम को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।विशेष लोक अभियोजक अभयसिंह के मुताबिक, आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। पीड़िता के गर्भवती होने पर परिजनों को मामले का पता चला, जिसके बाद परसवाड़ा थाने में केस दर्ज कराया गया था।