पुलिस व्हाटसएप पर चालान नहीं भेजती,संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें - rashtrmat.com

पुलिस व्हाटसएप पर चालान नहीं भेजती,संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। इन दिनों बालाघाट में साइबर सेल को सोशल मीडिया पर ई.चालान के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें मिल रही हैं। जालसाज मोबाइल यूजर्स को वाहन चालान के बहाने एपीके फाइल भेजकर ठगी कर रहे हैं। जबकि पुलिस कभी भी व्हाटसएप पर चालान नहीं भेजती। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध फाइल को कभी डाउनलोड न करें। ऐसा करने पर ठग आप का बैंक खाली कर सकते हैं।


ठगों के एपीके फाइल डाउनलोड न करें
यातायात प्रभारी सूबेदार यीना राहंगडा ने बताया कि आमतौर पर मोबाइल यूजर्स को यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस के ई.चालान के नाम से वाहन नंबर के साथ एक एपीके फाइल भेजते हैं। पिछले डेढ़ महीने में लगभग एक दर्जन लोग यह एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद ठगी का शिकार हुए हैं। ठगों ने पीड़ितों के खातों से 3 हजार से 4 हजार रुपए तक की अलग.अलग राशियां निकाल ली हैं।

फेक ई-चालान स्कैम क्या है

यह एक नया साइबर फ्रॉड है, जिसमें स्कैमर्स खुद को ट्रैफिक अथॉरिटी दिखाते हैं और लोगों को चालान भरने के लिए एक फेक एप डाउनलोड करवाते हैं। यह एप असल में मालवेयर होता है, जो मोबाइल की सेंसिटिव जानकारी जैसे SMS, बैंकिंग एप्स, OTP और पासवर्ड चुरा लेता है।इस स्कैम में साइबर अपराधी खुद को ट्रैफिक पुलिस या सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वॉट्सएप, SMS या ईमेल के जरिए चालान का फेक मैसेज भेजते हैं। इसमें लिखा होता है कि आपकी गाड़ी से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ है और आपको जुर्माना भरना है। साथ ही एक APK फाइल (जैसे e-parivahan.apk) या लिंक दिया जाता है, जिसमें दावा किया जाता है कि चालान की डिटेल्स देखने या पेमेंट के लिए इस एप को इंस्टॉल करें।

पुलिस व्हाटसएप पर चालान नहीं भेजती

यातायात प्रभारी सूबेदार यीना राहंगडाले को भी कई व्हाट्सएप यूजर्स ने ई-चालान के नाम पर एपीके फाइल मिलने की सूचना दी है।   सूबेदार राहंगडाले ने  कहा कि यातायात पुलिस वॉट्सऐप पर कोई चालान नहीं भेजती है। वॉट्सऐप पर ई-चालान के नाम पर भेजी जा रही एपीके फाइलें धोखाधड़ी का प्रयास हैं, जिन्हें यूजर्स को नहीं खोलना चाहिए।उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा बनाए गए ई-चालान की तामील विभागीय पुलिसकर्मी व्यक्तिगत रूप से करते हैं। थाने की ओर से व्हाट्सएप पर चालान भुगतान के लिए कोई फाइल या जानकारी नहीं भेजी जाती है।

संदिग्ध फाइलों से सावधान रहें

साइबर नोडल थाना की आरक्षक मेघा तिवारी ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव केवल जागरूकता और सही जानकारी से ही संभव है। आजकल ठग यातायात पुलिस के ई-चालान, एसआईआर, प्रधानमंत्री आवास योजना, 5-जी, पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान और वेडिंग कार्ड जैसे विभिन्न बहानों से एपीके फाइलें भेजकर ठगी कर रहे हैं। मोबाइल यूजर्स  किसी भी संदिग्ध फाइल से सावधान रहना चाहिए।

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