राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट/सिवनी(ब्यूरो)। राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट/सिवनी(ब्यूरो)। भारतीय खाद्य निगम (FCI) सिवनी डिपो में सीएमआर (कस्टम मिलिंग राइस) चावल ही जमा किया जा रहा है। इसके अलावा घटिया चावल लाने वाले दर्जनों लाट लौटा दिया गया है। इससे मिलरों में हड़कंप मच गया है। उनके सामने विषय स्थिति पैदा हो गयी है। यदि ऐसा ही हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान से दो चार होना पड़ेगा।

मिलरों के साथ पूरी सख्ती
दरअसल, अभी कुछ दिन पहले ही तोमर वेयरहाउस सेलुआ में एक स्टैक के बीआरएल घोषित होने के बाद से पूरे प्रदेश भर के मिलरों के बीच हड़कंप मच गया है। इसी के चलते एफसीआई के अधिकारी अब बेहद चौकन्ने हो गए हैं और मिलरों के साथ पूरी सख्ती से पेश आ रहे हैं।
एक दर्जन से अधिक लॉट रिजेक्ट
मिली जानकारी के अनुसार, सिवनी स्थित डिपो में पिछले 2-3 दिनों के भीतर डूंगरिया वेयरहाउस में आए करीबन एक दर्जन से अधिक लॉट रिजेक्ट किए जा चुके हैं। एफसीआई अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता में कमी पाए जाने के कारण इन चावल के लॉट को स्वीकार करने से मना कर दिया गया है और उन्हें वापस लौटा दिया गया है। एफसीआई द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों तक गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न पहुँचाने की दिशा में अपनाए जा रहे इस कड़े और पारदर्शी रुख से घटिया या अमानक चावल खपाने की मंशा रखने वाले मिलरों के बीच हड़कंप मच गया है।
दिल्ली जाकर बात कीजिए
इस कार्रवाई से घबराए मिलरों द्वारा जब एजीएम प्रतीक्षा मिश्रा मैडम से संपर्क किया गया और उनसे सवाल किया गया कि नॉन-एफआरके राइस में एफआरके के दाने आने पर लॉट को रिजेक्ट किया जा रहा है, तो इससे संबंधित गाइडलाइन की आधिकारिक कॉपी प्रदान की जाए। इस पर मैडम ने कहा कि आप दिल्ली जाकर बात कीजिए, जो भी संभव होगा दिल्ली से ही होगा।

सीएमआर चावल जमा किया जा रहा
दूसरी ओर, डूंगरिया स्थित अनमोल वेयरहाउस में सीएमआर जमा करने आए मिलरों में खौफ है कि वहां जमा होने आए 40 से अधिक लॉट की गाड़ियां मिलर रिजेक्शन के डर से वापस ले जाने लगे हैं। वहीं डूंगरिया में अनमोल वेयरहाउस के क्वालिटी इंस्पेक्टर / तकनीकी सहायक शुभम श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम मुख्यालय नई दिल्ली एवं उच्च कार्यालय के द्वारा निर्धारित किए गए स्पेसिफिकेशन्स के आधार पर ही सीएमआर चावल जमा किया जा रहा है, जो लॉट मानकों के अनुरूप नहीं हैं उन्हें रिजेक्ट किया जाता है। हालांकि, जब उनसे नॉन-एफआरके चावल में एफआरके (फॉर्टिफाइड राइस कर्नेल) के दाने पाए जाने पर लॉट रिजेक्ट करने से संबंधित आधिकारिक गाइडलाइन या लिखित सर्कुलर की प्रति मांगी गई, तो वे कोई भी आधिकारिक कॉपी प्रस्तुत नहीं कर सके।

भारी आर्थिक नुकसान
गुणवत्ता मानकों को लेकर खाद्य निगम के इस कड़े रुख और किसी भी प्रकार की छूट न देने के कारण राइस मिलरों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं तथा राइस मिलरों में भारी अनिश्चितता व्याप्त है। मिलरों का कहना है कि उन्होंने भारी मात्रा में माल तैयार कर लिया है और यदि इस समस्या का जल्द ही उचित समाधान व निराकरण नहीं निकाला गया, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। उनकी मांग है कि प्रशासन और विभाग इस विषय पर संज्ञान लेकर जल्द से जल्द कोई व्यावहारिक राह निकाले।