किराया न देने पर मां ने बेटे को घर से निकाला,सास के घर पर बहू हक नहीं-HC - rashtrmat.com

किराया न देने पर मां ने बेटे को घर से निकाला,सास के घर पर बहू हक नहीं-HC

राष्ट्रमत न्यूज नई दिल्ली(ब्यूरो)। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक नायाब फैसला सुनाया है। जिसमें कहा है कि  सास के खुद के खरीदे घर पर बहू का कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है।  सास की स्व-अर्जित संपत्ति से बेदखल करने के फैसले को चुनौती देने वाली बहू की याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कि सास की संपत्ति साझा घर नहीं था।उन्होंने अपने बेटे के पक्ष में किया गया समझौता रद कर दिया था। पीठ ने कहा कि एक बार जब बेटे के साथ किया गया समझौता रद हो गया तो बहू का उस संपत्ति पर कोई अधिकार, मालिकाना हक नहीं बचा।

  कानूनी सुरक्षा का दावा 

पीठ ने यह भी कहा कि बहू घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम- 2005 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का दावा सास के बजाय अपने पति के विरुद्ध कर सकती है।यह मामला एक ऐसे दंपति से संबंधित था, जिनका विवाह 2003 में हुआ था। विवाह के बाद, याची महिला अपने पति के साथ शुरू में अपनी सास के साथ रहती थी, लेकिन पारिवारिक विवादों के कारण वे अलग रहने लगे।

  मां ने बेटे को बेदखल किया

2014 में महिला दोबारा सास की स्व-अर्जित संपत्ति में वापस रहने लगी। सास ने अपने बेटे के साथ 3,000 प्रति माह के किराए के समझौते किया, लेकिन किराया न चुकाने के कारण, सास ने 2017 में औपचारिक रूप से अपने बेटे को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया। हालांकि, बहू और उसका बच्चा संपत्ति में रहते रहे।