राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के लामता थाना क्षेत्र में राघोटोल स्थित त्रिराज वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के माइक्रो लिफ्ट सिंचाई प्लांट में हुई करोड़ों रुपये की आगजनी और रंगदारी कांड में पुलिस ने फरार चल रहे नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। आदिवासी विकास परिषद और पूरा समाज पुलिस की कार्रवाई से नाराज है। पुलिस पर आरोप है कि पहले नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने की बात की गयी थी, अब 30-32 नाम बताए जा रहे हैं। यदि पुलिस ने बाद में नाम जोड़ा है तो उसके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे।

मृत्यु कार्यक्रम में गए थे
शुक्रवार शाम आदिवासी विकास परिषद के युवा अध्यक्ष शुभम उईके ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने 5 ऐसे लोगों को भी आरोपी बना दिया है, जो घटना के वक्त एक मृत्यु कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।उन्होंने एक ही परिवार के पिता-पुत्र को आरोपी बनाए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण बताया। उईके ने पुलिस प्रशासन से पूछा कि यदि कल को अदालत इन आरोपियों को बेकसूर साबित कर देती है, तो क्या पुलिस अपनी गलती मानेगी?
पुलिस के खिलाफ मानहानि दर्ज कराएंगे
शुभम उईके ने पुलिस की बदलती थ्योरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस सिर्फ 8-9 आरोपियों की बात कह रही थी, लेकिन अब अचानक 30-32 लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि बाद में जोड़े गए नामों में से कोई भी निर्दोष पाया गया, तो आदिवासी विकास परिषद और पूरा समाज पुलिस के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराएगा।

खेतों से उठाए जा रहे ग्रामीण
मामले में गिरफ्तार किए गए सरपंच की पत्नी सरोज सिरसाम ने भी पुलिसिया कार्रवाई को प्रताड़ना बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ग्रामीणों को उनके खेतों या कहीं से भी अचानक उठाकर ले जा रही है, जिससे पूरी पंचायत और आसपास के इलाकों में डर और दहशत का माहौल बन गया है।

सभी आरोपी भेजे गए जेल
पुलिस ने घटना के अगले ही दिन मुख्य आरोपी भुवनेश्वर रजकए सरपंच राजेश सिरसाम और राकेश दमाहे को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद लगातार फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी। 16 जुलाई को पुलिस ने नौ और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कृपाल वरकड़े, मोतीराम पांद्रे, दिनेश पांद्रे, गणेश सिरसाम, संजय सिरसाम, देवेंद्र पांद्रे उर्फ गोलू, ताराचंद कुमरेए मुकेश मरसकोले तथा आकाश उईके शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

आगजनी से परियोजना प्रभावित
महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब 175 करोड़ रुपये कीइस माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के 55 गांवों के लगभग 12 हजार किसानों को सालभर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद थी। लेकिन आगजनी की घटना से परियोजना का कार्य प्रभावित हुआ है। जिससे किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिलने पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई तो खेती और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे। हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।