कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की CBI जांच होगी,अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार - rashtrmat.com

कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की CBI जांच होगी,अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों की हत्या के मामले में साय सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच को मंजूरी दे दी है। पीड़ित परिवार इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहा था। इस केस में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।दरअसल, 16 जून की रात नौगई गांव में आरोपियों ने रेत तस्करी विवाद में फॉर्च्यूनर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।

रेणुका सिंह के साथ आरोपी निशांत त्रिपाठी की पुरानी फोटो।

12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी

कार में एक ही परिवार के 5 लोग सवार थे। हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलने से मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने लल्ला सिंह के भाई का गला फरसे से काट दिया था। इस केस में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।रेत तस्करी से अवैध उगाही को लेकर विवाद

जानकारी के मुताबिक रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 माह पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से भी वसूली शुरू कर दी।

दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति

भाजपा नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार के सदस्य फार्च्यूनर में हूटर बजाते हुए चलते थे। मयंक सिंह प्रति हाईवा 1000 रुपए का शुल्क लेता था। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक हाईवा रेत 5000 रुपये तक में बिकती है।त्रिपाठी परिवार के पास कुछ टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत का पैसा देने तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई माह से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

मारपीट से बढ़ा तनाव

भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े करीबी और दबंग नेता थे। आरोपी मनोज त्रिपाठी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है।भरत सिंह की फार्च्यूनर गाड़ी में हूटर लगाए जाने की शिकायत सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के दबाव में कार्रवाई कर हूटर हटवा दिया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।