राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के 43 दिनों बाद भी कार्रवाई जारी है। कल्पना मिश्रा की मौत से सबसे अधिक किरकिरी स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की हुई थी। भोपाल में विपक्ष ने सड़क से सदन तक हंगामा करके डिप्टी सीएम को निशाने पर लिया।डाॅ सोनल अग्रवाल और डाॅक्टर निधि अग्रवाल के निलंबन के बाद अब डाॅ गुंजन गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया है।

गंभीर सवाल खड़े हुए
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 26 अगस्त की रात कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह इलाज के दौरान खुद को बचा लेने की गुहार लगाती नजर आई थीं। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था, इलाज में लापरवाही और जिम्मेदार डॉक्टरों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए और मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया। मामले में शुरुआती कार्रवाई के तौर पर दो डॉक्टरों डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडेसहित दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया।

डाॅक्टर सुनील को पद से हटाया गया
इसके बाद संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया और डॉ. प्रियंक शर्मा को अधीक्षक का प्रभार दिया गया। वहीं श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। कल्पना मिश्रा की मौत से जुड़े मामले में अथर्व ब्लड सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए और रीवा के औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित किया गया।
जारी निर्देशों के अनुपालन में
इसके अलावा डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं भी अलग मामले में समाप्त कर दी गईं और उन्हें भविष्य में सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित किए जाने की कार्रवाई सामने आई। मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी सात बिंदुओं पर चल रही है, जिसमें अस्पताल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी, ड्यूटी रोस्टर और स्टाफ की भूमिका जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। और अब इस पूरे मामले में एक और बड़ा एक्शन सामने आया है। भोपाल से 24 सितंबर को जारी निर्देशों के अनुपालन में संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. गुंजन गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान हुई मौत की जांच के संदर्भ में जारी किया गया है।
कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है
निलंबन अवधि में डॉ. गुंजन गोस्वामी का कार्यस्थल संयुक्त संचालक-सह-अधीक्षक, गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा के अधीन रहेगा। यानी 26 अगस्त की उस दर्दनाक घटना के 43 दिन बाद भी कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है और अब एक और वरिष्ठ चिकित्सक पर निलंबन की गाज गिरी है। एक के बाद एक हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच पूरी होने के बाद और किन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है और परिवार को न्याय कब मिलता है।