छग के संविदा बिजली कर्मी बेमुद्दत हड़ताल पर,कल जल-समाधि आंदोलन - rashtrmat.com

छग के संविदा बिजली कर्मी बेमुद्दत हड़ताल पर,कल जल-समाधि आंदोलन

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)।  छत्तीसगढ़ बिजली विभाग में काम करने वाले 2471 से ज्यादा संविदा कर्मचारी अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। संविदा कर्मचारी धनंजय कुमार ने कहा कि बिजली कंपनियों में 8 हजार से ज्यादा पद खाली हैं, लेकिन नियमित भर्ती नहीं की जा रही। कर्मचारियों का कहना है कि सालों से नियमित कर्मचारियों की तरह जोखिम भरा काम कराया जा रहा है। लेकिन आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया।

8 हजार पद खाली, फिर भी भर्ती नहीं

वे रिक्त पदों पर समायोजन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में शुक्रवार को वे जल समाधि आंदोलन कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेंगे।संविदा कर्मचारी धनंजय कुमार ने कहा कि बिजली कंपनियों में 8 हजार से ज्यादा पद खाली हैं, लेकिन नियमित भर्ती नहीं की जा रही। पूरी व्यवस्था संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली सेवा अत्यावश्यक और जोखिम भरी है। इसके बावजूद स्थायी कर्मचारियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।

प्रबंधन बार-बार आश्वासन देता है

विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरिचरण साहू ने कहा कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कर्मचारियों को आंदोलन करने की नौबत नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन हम मजबूर हैं। संविदा कर्मचारियों से नियमित कर्मचारियों की तरह हाई वोल्टेज लाइन पर काम कराया जाता है।लेकिन दुर्घटना की स्थिति में केवल 4 लाख रुपए का बीमा मिलता है। उनका कहना है कि इतने जोखिम भरे काम के हिसाब से यह राशि बेहद कम है। अध्यक्ष ने कहा कि प्रबंधन बार-बार आश्वासन देता है, लेकिन उन्हें लागू नहीं करता। इसलिए हम आंदोलन कर रहे है।

तब तक हड़ताल जारी रहेगी

संविदा कर्मचारी प्रदीप राठौर ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा कर्मचारियों से ऐसे काम कराए जाते हैं, जिनकी उन्हें आधिकारिक अनुमति नहीं होती। कई बार वरिष्ठ अधिकारी मौखिक रूप से लाइन परमिट लेकर काम करने के लिए कहते हैं, लेकिन यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो पूरी जिम्मेदारी संविदा कर्मचारी पर डाल दी जाती है।