आरोपियों को रिमांड पर लेने चार राज्यों की पुलिस कर रहीं कॉल
राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। सराफा व्यापारियों को निशाना बनाकर लूट करने वाले ”एरागोल्ला गैंग” के शातिर लुटेरो को बालाघाट पुलिस ने फेसबुक चैट से मिले सुराग के बाद दबोच लिया है। जिन्होने बालाघाट के लांजी थाना क्षेत्र के कुल्पा गांव और किरनापुर थाना क्षेत्र के रजेंगांव में सराफा व्यापारियो के साथ लूट की वारदात की थी। इन दोनो वारदातों को लुटेरो ने बडे ही शातिराना तरिके से अंजाम दिया था। जो पुलिस के लिये बडी चुनौती थी। जिन्हे दबोचने के बाद पता चला कि ये 5 राज्यों के मोस्ट वांटेड डकैत है, जिन्हे रिमांड पर लेने के लिये अब चार राज्यों की पुलिस बालाघाट पुलिस को कॉल कर रही हैं।

वारदात को अंजाम देने के दौरान
दरअसल, आरोपी इतने शातीर थे कि ये वारदात को अंजाम देने के दौरान ना ही सिम रखते थे और ना ही फोन कॉल करते थे। कुल्पा और रजेगांव में डकैती को अंजाम देने के बाद ये बदमाश सफर के दौरान अपने कपड़े, बाईक, बाईक ड्राईविंग, हेलमेंट बदल लिया करते थे। लेकिन बालाघाट पुलिस ने 05 राज्यों में लगभग 22 हजार किमी दूरी का सफर तय करके 65 दिन में ओडिशा के अंतर्राज्यीय एरागोल्ला गैंग के तीन सदस्यों रोशन धुव्र, सचिन धुव्र और नरसिम्हा उर्फ पुतरो प्रधान को गिरफ्तार किया।
आपराधिक रिकॉर्ड कई राज्यों में
पुलिस के अनुसार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड कई राज्यों से जुड़ा है और उनकी तलाश में अब दूसरे राज्यों की पुलिस भी बालाघाट पुलिस से संपर्क कर रही है। बालाघाट पुलिस के लिए यह मामला महज दो लूट की वारदात नही, बल्कि एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह की तलाश बन गया था, जो वारदात के बाद लगातार अपना ठिकाना, वाहन और हुलिया बदल रहा था। पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि आरोपियों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 65 दिनों तक अभियान चलाया गया। जिसमें करीब 75 पुलिसकमीयो की 14 टीमो ने भूमिका निभाई।

आमगांव रोड पर बदमाशों ने रोक लिया
लूट की पहली वारदात 28 जून को लांजी के कुलपा गांव में हुई। कामना ज्वेलर्स के संचालक कपिल आसटकर को आमगांव रोड पर बदमाशों ने रोक लिया। सिर पर डंडे से हमला करने के बाद आरोपी सोने-चांदी के आभूषण और चार हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। वही दूसरी वारदात 5 अगस्त को रजेगांव में हुई। जहां सागर ज्वेलर्स के संचालक गेंदलाल करंडे दुकान बंद कर आभूषणों से भरे दो बैग लेकर घर जा रहे थे। तभी मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने रास्ता रोककर दोनों बैग लूट लिए। इन दोनो प्रकरणो का खुलासा करने में पुलिस ने करीब 02 हजार किलोमीटर लंबे मार्ग के 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। करीब 169 घंटे के फुटेज का विश्लेषण किया गया। वहीं पुलिस ने 6 लाख 24 हजार 588 टेलीफोन रिकॉर्ड की जांच की।
21 जिलों में पुलिस टीमों ने पड़ताल की
मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश के 21 जिलों में पुलिस टीमों ने पड़ताल की। करीब 190 लोगों से पूछताछ की गई और 06 जेलों में बंद आरोपियों से भी जानकारी जुटाई गई। तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने रोशन ध्रुव, नरसिम्हा उर्फ पुतरो प्रधान और सचिन ध्रुव को गिरफ्तार किया। रोशन को रायपुर, नरसिम्हा उर्फ पुतरो को ओडिशा के जाजपुर और सचिन ध्रुव को महासमुंद से गिरफ्तार किया गया।
प्रेम विवाह के बाद बालाघाट छोड दिया
एसपी आदित्य मिश्रा के अनुसार साइबर टीम ने तकनीकी जांच के साथ फेसबुक अकाउंट की चैट और कॉल से जुड़े डिजिटल सुरागों का विश्लेषण किया। इन्हीं सुरागों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची थी। जहां इस लूट प्रकरणो में चिरंजीवी उर्फ शुभम यादव मुख्य भूमिका सामने आई। जो पूर्व में बालाघाट के इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र का निवासी था। जो प्रेम विवाह के बाद बालाघाट छोडकर छग के महासमुंद में बस गया। जहां वह इस गिरोह से जुड़ा था और उसकी निशानदेही पर ही बालाघाट में दोनों वारदातों की रेकी की गई थी। हालांकि 15 सितंबर 2026 को सड़क दुर्घटना में चिरंजीवी उर्फ शुभम यादव मौत हो चुकी है। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसके संपर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
प्रोडक्शन वारंट की कार्रवाई
अब इस प्रकरण में दशमानिया ओडिशा निवासी प्रकाश प्रधान और आकाश प्रधान फरार है। पुलिस सुत्रो के मुताबित ये दोनो अन्य डकैती के मामलों में जाजपुर जेल में बंद हैं। जिन्हे बालाघाट लाने के लिए प्रोडक्शन वारंट की कार्रवाई की जा रही है। ये सभी छ: आरोपी रोशन, नरसिम्हा, सचिन, प्रकाश, आकाश और चिरंजीवी(मृतक) सभी अंतरराज्यीय एरागोल्ला गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार रजेगांव की घटना से करीब 18 लाख रुपये और लांजी की घटना से करीब 4 लाख रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। कुल बरामद माल में करीब 70 ग्राम सोना और 2.8 किलोग्राम चांदी शामिल है। पुलिस अब आरोपियों के अन्य राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। बालाघाट की दो लूट से शुरू हुई जांच अब अंतरराज्यीय डकैती नेटवर्क तक पहुंच गई है।