डबल मनी कांडः सरगना सहित 8 लोग हरिद्वार से गिरफ्तार,पांच सौ करोड़ निवेश - rashtrmat.com

डबल मनी कांडः सरगना सहित 8 लोग हरिद्वार से गिरफ्तार,पांच सौ करोड़ निवेश

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। डबलमनी कांड का मुख्य सरगना सहित आठ लोगों को पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया हे। डबलमनी में करीब पांच सौ करोड़ रुपए से भी अधिक का निवेश किये जाने की संभावना है। डबलमनी का सरगना सोमेन्द्र कांकरायने को भी गिरफ्तार किया गया था। जिसे न्यायालय से जमानत मिल गई। इसके बाद 20 दिसंबर 2022 को जमानत खारिज होने के बाद सोमेन्द्र कांकरायने फरार हो गया था। पुलिस ने उसके साथ आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

साल 2022 में हुआ था भंडाफोड़
बालाघाट में इस फर्जी निवेश योजना का पर्दाफाश साल 2022 में हुआ था। उस दौरान पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए सोमेंद्र कंकराने समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। शुरुआती छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से 13 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की थी। इसके साथ हीए जांच को आगे बढ़ाते हुए करीब 32 बैंक खातों में जमा 11 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया था और आरोपियों की लगभग 45 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियों को कुर्क करने की बड़ी कार्रवाई की गई थी। पहली गिरफ्तारी के बाद सोमेंद्र को अदालत से सशर्त जमानत मिल गई थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में माननीय उच्च न्यायालय ने उसकी बेल को खारिज कर दिया था। जमानत रद्द होने और ट्रायल कोर्ट में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण निवेशकों के मामलों की कानूनी सुनवाई पूरी तरह ठप पड़ी थीए क्योंकि आरोपी अपने वकीलों के जरिए सिर्फ तारीखें आगे बढ़वा रहा था।

मामला विवादों में आ गया
आरोप है कि गिरोह ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेश कराया। शुरूआती दौर में कई निवेशकों को समय पर मैच्योरिटी और भुगतान भी दिया गया जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और हजारों लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा.पूंजी इस योजना में लगा दी। लेकिन बाद में भुगतान रुकने लगे और मामला विवादों में आ गया।
साधु के वेश में रह रहा था
सोमेन्द्र ने स्वीकार किया किए 20 दिसंबर 2022 को बेल याचिका खारिज होने के बाद फरार हो गया था। उसने कहा यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती है। मैं सभी से माफी चाहता हूं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। पुलिस जांच में सामने आया है कि फरारी के दौरान सोमेन्द्र ने अपनी पहचान छिपाने के लिए धार्मिक स्थलों को ठिकाना बनाया। वह हरिद्वार सहित विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों में साधु का वेश में रह रहा था।
बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक
फरारी के दौरान आरोपियों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को पहले ही कुर्क और सीज कर दिया गया था। अधिकांश जमीनों की बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि जांच के दौरान पुलिस ने रणनीतिक रूप से एक करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री पर सीमित छूट रखी। इसी जमीन के लेन.देन को लेकर आरोपी पक्ष सक्रिय हुआ और कथित रूप से टेलीग्राम एप्लीकेशन के माध्यम से बातचीत एवं संपर्क शुरू हुआ। पुलिस ने इसी गतिविधि को महत्वपूर्ण सुराग मानते हुए तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग की। इसके बाद विशेष टीम हरिद्वार पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर सोमेन्द्र कांकरायने सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
निवेश की गयी संपत्ति कहां लगी
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से अलग.अलग बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि निवेश की राशि कहां.कहां लगाई गई। किन लोगों ने एजेंट के रूप में काम किया। किन राज्यों तक इस नेटवर्क का विस्तार था तथा कितनी संपत्तियां इस निवेश से खरीदी गईं।
निवेश की राशि जमीन में लगाया
गिरफ्तारी के बाद सोमेन्द्र ने यह भी दावा किया किए हमारा नाम लेकर कई लोगों ने लाभ उठाया है। उन सभी की जांच होनी चाहिए। जिन लोगों ने हमारे नाम का इस्तेमाल करके फायदा उठाया उनकी भूमिका भी सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले का पूरा दोष केवल उन पर डाल दिया गया। जबकि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी सक्रिय थे। उनके अनुसार छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी लोग एजेंट बनकर आए और काम किए। लेकिन पूरा मामला सिर्फ मेरे ऊपर मढ़ दिया गया। सोमेन्द्र ने यह भी स्वीकार किया कि निवेशकों से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा जमीनों में लगाया गया था। सोमेंन्द्र ने कहा कि हमने निवेश की राशि जमीनों में लगाई थी।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि डबलमनी गिरोह का नेटवर्क केवल बालाघाट या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है।
कुल कितना निवेश हुआ
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, संपत्तियों,मोबाइल रिकार्ड,डिजिटल चैट वित्तीय लेन.देन और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि निवेशकों की वास्तविक संख्या कितनी थी। कुल निवेश कितना हुआ और किन.किन माध्यमों से धन का उपयोग किया गया।
और भी खुलासे होने की संभावना
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान पुलिस गिरोह की कार्यप्रणाली फरार सहयोगियों, निवेश की वास्तविक राशि, संपत्तियों के ब्योरे तथा पूरे वित्तीय नेटवर्क की गहराई से जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित डबलमनी कांड में कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।