राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में अतिक्रमण विवाद को लेकर दलित महिला सरपंच सरपंच प्रमिला उईके पर हुए हमले का मामला अब पुलिस अधीक्षक तक पहुंच गया है। मंगलवार को सरपंच ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने हमलावरों पर परसवाड़ा पुलिस की कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।

समझाइश के दौरान ही विवाद
सरपंच प्रमिला उईके ने बताया कि यह घटना परसवाड़ा क्षेत्र की चीनी पंचायत के बर्राटोला में हुई। 18 जून को व्यासमून तिवारी द्वारा रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटवाकर रास्ता खोला गया था। दो दिन बाद उन्हें शिकायत मिली कि व्यासमून तिवारी उसी रास्ते की जगह पर शौचालय का गड्ढा खोद रहा है।शिकायत मिलने पर सरपंच, वार्ड पंच और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां अतिक्रमणकारियों ने समझाइश के दौरान ही विवाद शुरू कर दिया। उन्होंने जातिगत गालियां देते हुए सरपंच को धमकाया और कहा कि बार-बार समझाने आती है, इसे मारकर इसी गड्ढे में गाड़ देंगे।
आंदोलन की चेतावनी दी
इसी दौरान हुई हाथापाई में व्यासमून तिवारी ने सरपंच प्रमिला उईके के चेहरे पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। सरपंच ने बताया कि परसवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है।एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच ने हमलावरों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें गांव से बाहर करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे आदिवासी समाज के साथ मिलकर आंदोलन और चक्काजाम करेंगी।
इनका कहना
महिला सरपंच से अतिक्रमणकारी ने मारपीट की है। जिससे सरपंच के चेहरे में चोट आई है। मामले की शिकायत थाना में की गई है। यदि आरोपितों पर न्यायोचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो सरपंच संघ के माध्यम से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कपूरचंद वरकड़े, सरपंच ग्राम पंचायत लिंगा एवं उपाध्यक्ष, सरपंच संघ बालाघाट।