बादलों ने बरसने का रिकार्ड तोड़ा,3 लाख हेक्टेयर में होगी धान की फसल - rashtrmat.com

बादलों ने बरसने का रिकार्ड तोड़ा,3 लाख हेक्टेयर में होगी धान की फसल

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले में लगातार हो रही बारिश ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मानसून की शुरुआत में सूखे जैसे हालात के बाद, चार दिनों की वर्षा से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अच्छी बारिश के बाद अब खेतों में खरीफ फसल की बुआई भी शुरू हो गई है, जो अगले डेढ़ महीने तक जारी रहेगी।कृषि अधिकारी फूलसिंह मालवीय ने बताया कि इस वर्ष जिले में लगभग 3 लाख 11 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगाई जानी है।

 24 घंटों में जिले में सवा इंच बारिश हुई

जिले में 5 जुलाई तक कुल 251 मिलीमीटर (लगभग 10 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 211 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। हालांकि, जिले की औसत वर्षा के आंकड़े में अभी भी कमी है।5 जुलाई तक वारासिवनी तहसील में सर्वाधिक 401 मिलीमीटर (लगभग 16 इंच) और बिरसा तहसील में सबसे कम 103 मिलीमीटर (लगभग 4 इंच) वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में जिले में सवा इंच बारिश हुई है।

221 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई

कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 05 जुलाई को प्रात: 8 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान   बालाघाट तहसील में 34 मिलीमीटर, वारासिवनी में 38 मिलीमीटर,  बैहर में 72 मिलीमीटर, लांजी में 15 मिलीमीटर, कटंगी में 03 मिलीमीटर, किरनापुर में 24 मिलीमीटर, खैरलांजी में 26 मिलीमीटर, लालबर्रा में 17 मिलीमीटर,  बिरसा में 24 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 28 मिलीमीटर तथा तिरोड़ी में 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। चालू वर्ष में 01 जून से 05 जुलाई 2026 तक सबसे अधिक 401 मिलीमीटर वर्षा वारासिवनी तहसील में दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम 103 मिलीमीटर वर्षा बिरसा तहसील में रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में बालाघाट तहसील में 389 मिलीमीटर, बैहर में 332 मिलीमीटर, लांजी में 199 मिलीमीटर, कटंगी में 140 मिलीमीटर, किरनापुर में 339 मिलीमीटर, खैरलांजी में 134 मिलीमीटर, लालबर्रा में 272 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 231 मिलीमीटर एवं तिरोड़ी में 221 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

3 लाख 11 हजार हेक्टेयर में धान की फसल

कृषि अधिकारी फूलसिंह मालवीय ने बताया कि इस वर्ष जिले में लगभग 3 लाख 11 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगाई जानी है। इसमें से सुपर सीडर के माध्यम से डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति से लगभग 18 हजार हेक्टेयर पर फसल लगाई जा चुकी है।एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आगामी 7 जुलाई तक, अच्छी बारिश की संभावना कृषि विज्ञान केन्द्र से जारी की गई है, भले ही बारिश की देरी से फसल की नर्सरी और बोआई, धीरे से शुरू हुई है लेकिन इसका उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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