राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल में भाजपा सांसद सौमित्र खान ने बुधवार पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। खान ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को नरक में जाना चाहिए।सौमित्र खान ने तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला करते हुए उन्हें “पापी” कहा और कहा कि “पापियों को जेल जाना चाहिए”। अभिषेक बनर्जी के घर के सामने बुलजोजर खड़ा है।

अपने कर्मों का फल भुगतना चाहिए
खान ने कहा, “आज उनके घर के सामने बुलडोजर खड़ा है। 2021 में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के घर तुड़वा दिए थे। पापियों को तुरंत अपने कर्मों का फल भुगतना चाहिए। उन्हें नरक में जाना चाहिए।खान ने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के लगभग 50 विधायक और 20 सांसद टीएमसी का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी दे दे तो वे भाजपा में शामिल होने हो जाएंगे। खान ने अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस पर फैसला लेता है तो तृणमूल कांग्रेस एक राजनीतिक शक्ति के रूप में अस्तित्वहीन हो जाएगी।
50 विधायक पार्टी से नाखुश
सौमित्र खान ने दावा किया कि अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एक बार भी कह दे तो टीएमसी का अस्तित्व ही नहीं रहेगा। सभी लोग पार्टी में शामिल होने को तैयार हैं। लगभग 50 विधायक पार्टी से नाखुश हैं और 20 सांसद पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार हैं।हालांकि, खान के दावों को खारिज करते हुए तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा कि भाजपा नेता के बयान में कोई सच्चाई नहीं है। रॉय ने कहा कि यह पूरी तरह से झूठ है। सौमित्र खान और भाजपा गलत सूचना फैला रहे हैं। ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है।

विवाद और गहरा गया
सौमित्र खान की ये टिप्पणियां पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए चुनावी झटके के बाद सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच आई हैं। पार्टी आंतरिक कलह, नगर निकायों में इस्तीफे और कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही है।बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार के सीएम शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तृणमूल के कई विधायकों के साथ शामिल होने के बाद विवाद और गहरा गया। काकोली को हाल ही में लोकसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक पद से हटा दिया गया था और बाद में केंद्र सरकार ने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं थीं।
इस्तीफा न देने की अपील
हाल के दिनों में विभिन्न नगरपालिकाओं के लगभग 100 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। जिससे तृणमूल के नियंत्रण वाले नगर निकायों में अस्थिरता फैल गई है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अगले साल होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले कई नगर निगम बोर्ड भंग हो सकते हैं।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने भी पद छोड़ने की इच्छा जताई है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्षदों से बढ़ते संकट के बीच इस्तीफा न देने की अपील की है।