BSP ने रावघाट में बगैर अनुमति के 500 पेड़ काटे,वन विभाग ने दिया नोटिस - rashtrmat.com

BSP ने रावघाट में बगैर अनुमति के 500 पेड़ काटे,वन विभाग ने दिया नोटिस

 राष्ट्रमतन्यूज,रायपुर/नारायणपुर(ब्यूरो)। भानुप्रतापपुर के रावघाट में लौह अयस्क परियोजना के लिए बिना अनुमति के सड़क बनाने के लिए पांच सौ से ज्यादा पेड़ काट दिये गए। जबकि इसकी अनुमति लेनी चाहिए थी। पेड़ काटे जाने से अब विवाद खड़ा हो गया है।वन विभाग ने भिलाई स्टील प्लांट बीएसपी को नोटिस दिया है।


वन विभाग ने लिया एक्शन
वन विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है कि सड़क निर्माण के लिए केवल पेड़ ही नहीं पहाड़ भी काटे गए हैं।मामला सामने आने के बाद अब वन विभाग एक्शन मोड में है। भानुप्रतापपुर वनमंडल ने भिलाई स्टील प्लांट को नोटिस थमा दिया है।
अवैध तरीके से बनाई सड़क
इस सड़क निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। वन विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने जब मौके पर जाकर जांच की तो दंग रह गए। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1340 मीटर लंबी सड़क अवैध तरीके से बनाई गई है।सड़क की चैड़ाई करीब 9.95 मीटर है।शुरुआती जांच में 540 पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई है।यह संख्या जांच आगे बढ़ने पर और भी बढ़ सकती है।


वन विभाग के अफसरों को नोटिस
वन विभाग ने सिर्फ बीएपी को ही नोटिस नहीं दिया,बल्कि अपने विभाग के अफसरों पर भी सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही बरतने के आरोप में एसडीओ विजय चंद्रवंशी और रेंजर वीरेंद्र यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा 5 वनरक्षकों और वनपालों को उनके कार्यक्षेत्र से तुरंत हटा दिया गया है।वनमंडलाधिकारी ऋषभ जैन ने साफ कहा है कि इस निर्माण में भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन संरक्षण अधिनियम 1980 के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। वन विभाग अब बीएसपी प्रबंधन के जवाब का इंतजार कर रहा है। जवाब मिलते ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बीएसपी के खिलाफ असंतोष
वन विभाग ने नोटिस दिया ही है वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र यानी बीएसपी द्वारा संचालित रावघाट लौह अयस्क खनन परियोजना एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन शुरू होने के करीब 3 वर्ष बाद भी विकास के वादे पूरे नहीं किए गए। जिसकी वजह से नारायणपुर और कांकेर जिले के प्रभावित गांवों में असंतोष गहराता जा रहा है।


रावघाट माइंस के खिलाफ प्रदर्शन
नारायणपुर जिले के 45 गांवों के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर बीएसपी प्रबंधन पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रावघाट माइंस परियोजना जो नारायणपुर जिले के 22 और कांकेर जिले के 23 गांवों को प्रभावित करती है। शुरुआत से ही स्थानीय विरोध का सामना कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब यह परियोजना शुरू हुई थी तब क्षेत्र के अधिकांश लोग इसके विरोध में थे, लेकिन महज कुछ प्रतिशत लोगों के सहयोग से खनन कार्य प्रारंभ कर दिया गया। बगैर अनुमति के और ग्रामीणों की सहमति के बीएपी ने सैकड़ों पेड़ काट दिये सड़क बनाने के लिए। एक बार फिर ग्रामीण बीएसपी के खिलाफ लामबंद होने की तैयारी कर रहे हैं।