राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बालाघाट से चले गए मगर अपने पीछे कई यादें छोड़ गए। आदिवासी महिला के बच्चे को अपने गोद में लेने की घटना हो या फिर पूरे प्रेस वार्ता में आदिवासी महिलाओं के साथ उनका होना। ऐसे ही एक यादगार दृश्य उस समय देखने को मिला जब वो खुरसोडी गांव से गुजर रहे थे, तब 42 वर्षीय रश्मि तांडी की इच्छा हुई कि वो राहुल गांधी को गुलाब भेंट करेगी। रश्मि गुलाब लिए खड़ी थी। राहुल गांधी की नजर उस पर पड़ी।उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और रश्मि से गुलाब लेते हुए तस्वीर खिंचवा कर आगे चले गए।

गुलाब का फूल लेकर खड़ी हो गई
रश्मि ने अपनी यह इच्छा असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जय कृष्णा डिगरू से साझा की। जय कृष्णा डिगरू ने बताया कि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, लेकिन यदि रश्मि की इच्छा है तो वह सड़क किनारे हमारे साथ खड़े होकर प्रयास कर सकती है। इसके बाद रश्मि पूरे आत्मविश्वास के साथ सड़क किनारे हाथ में गुलाब का फूल लेकर खड़ी हो गई।
जिंदगी भर याद रहने वाला पल
इसी दौरान राहुल गांधी की नजर सड़क किनारे खड़ी रश्मि पर पड़ी। उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और रश्मि से मुलाकात की। रश्मि ने उन्हें गुलाब का फूल भेंट किया और राहुल गांधी ने भी सहजता से उसका अभिवादन स्वीकार करते हुए उससे हाथ मिलाया। महज कुछ क्षणों की यह मुलाकात रश्मि के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला पल बन गई। जिस नेता से मिलने की इच्छा उसने मन में संजोई थी, उसी नेता ने उसके लिए अपना काफिला रुकवाकर उसे मिलने का अवसर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बड़े राजनीतिक पद पर होने के बावजूद आम लोगों से सहजता और आत्मीयता से मिलना किसी भी जनप्रतिनिधि के व्यक्तित्व की महत्वपूर्ण पहचान हो सकती है। रश्मि के लिए वह गुलाब केवल एक फूल नहीं, बल्कि उसके जीवन की एक यादगार मुलाकात बन गया।