राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। जिन खूंखार महिला नक्सलियों के नाम पर पुलिस ने कभी लाखों रुपए का इनाम रखा था। अब वो आत्मसमर्पण करने के बाद कैमरे के पीछे काम करेंगी। सुकमा की आत्मसमपर्ण करने वाली नौ महिला नक्सली अब एक नयी पहचान के साथ कदम आगे बढ़ाने जा रही है।इन महिलाओं को हिंदी फिल्म में अभिनय का अवसर मिलने वाला है। फिल्म निर्देशक आकाशदित्य लामा ने उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का मौका देने की बात कही है।

आडिशन के बाद भूमिका तय होगी
फिल्म की शूटिंग नवंबर और दिसंबर के दौरान होने की संभावना है। सुकमा के अलावा छत्तीसगढ़ के दूसरे इलाकों में भी फिल्म की शूटिंग की जा सकती है। फिल्म में काम करने से पहले सभी 9 महिलाओं का आडिशन लिया जाएगा। जिसके आधार पर उन्हें भूमिकाएं दी जाएंगी।
पहले दी जाएगी ट्रेनिंग
आडिशन के बाद चयनित महिलाओं को करीब 10 से 15 दिनों की एक्टिंग वर्कशाप में हिस्सा लेना होगा। इस दौरान उन्हें अभिनय की जानकारी के साथ संवाद बोलने, कैमरे के सामने प्रस्तुति देने और फिल्म से जुड़ी जरूरी बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसके बाद उन्हें फिल्म की शूटिंग में शामिल किया जाएगा।
नक्सलवाद छोड़ नई राह पर बढ़ रहीं महिलाएं
नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटी इन महिलाओं के लिए फिल्म से जुड़ना उनके जीवन में एक अलग तरह का अवसर माना जा रहा है। आडिशन और अभिनय प्रशिक्षण के बाद उन्हें कैमरे के सामने काम करने का मौका मिलेगा। इससे वे अपनी प्रतिभा को नए मंच पर प्रस्तुत कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने जताई खुशी
आत्मसमर्पित महिलाओं को फिल्म में अभिनय का अवसर मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस्तर की बेटियां खेल, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे अवसर युवाओं को आगे बढ़ने के लिए फिल्मी दुनिया का मंच उनकी जिन्दगी बदल देगा।