राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि रीवा की अच्छी सड़कों में अब आम जनता को आरामदायक बसों से आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह रीवा के लिए बड़ी उपलब्धि है। उप मुख्यमंत्री ने 27 सितम्बर को सुगम बस सेवा की बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद यह बात कही। जनता पूछ रही है रीवा में अरामदायक सड़कें किस मार्ग पर है डिप्टी सीएम यह बता दें। नेशलन हाईवे तो पिछले 18 साल से बनती खुदती है।फ्लाई ओवर जिसे अपना विकसित रीवा बताने से नहीं थकते,वहां तो भ्रष्टाचार की मलबा पड़ा हुआ है। सीमेंट की सड़क पर डामर यह डिप्टी CM राजेन्द्र शुक्ला की इंजीनियरिंग का नमूना है। फ्लाई ओवर में डामर का मलबा दुर्घटना में सहायक है।

अनियोजित विकास में सड़कें मर गयी
जिला ग्रामीण कांग्रेस रीवा के अध्यक्ष इंजीनियर राजेन्द्र शर्मा कहते हैं रीवा की दुर्दशा की मूल वजह है अनियोजित विकास। बगैर किसी योजना के कहीं भी कुछ भी बनने लगता है।फिर उसे कुछ दिनों बाद खोद दिया जाता है। जनता के पैसे की बर्बादी देखना है तो दूसरे जिले के लोगों को रीवा में आना चाहिए।यहां सड़कें नहीं है। और रीवा का विधायक कहते हैं सुगम सड़कों पर सफर करिये। हास्यास्पद बातें है।

सुगम रास्ते कहां है BJP बताए
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 27 सितम्बर को मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की बसों को हरी झंडी दिखाकर रीवा में बस सेवा का शुभारंभ किया। खुद भी बस में सफर किया और जनता केा हाथ हिलाते हुए निकले। उप मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और यात्रियों ने ई.बस से समान बस स्टैंड से ट्रांसपोर्ट नगर तक यात्रा भी की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा की अच्छी सड़कों में अब आम जनता को आरामदायक बसों से आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह रीवा के लिए बड़ी उपलब्धि है। रीवा प्रदेश का एकमात्र शहर है जहां से 6 बिजली से चलने वाली प्रदूषण मुक्त बसों का संचालन किया जा रहा है।

सीवर लाइन बनी नहीं,सड़क मर गयी
डिप्टी सीएम रीवा में अपना ड्रीम प्रोजेक्ट पिछले सात आठ साल से बनवा रहे है। लेकिन अभी तक नहीं बना। सीवर अभी तक शुरू नहीं हुआ। सीवर न हुआ ताजमहल हो गया। जबकि इसमें खूब भ्रष्टाचर हुआ है। जब यह चालूगा तो तब रीवा वालों को समझ आयेगा कि मौत कैसे होती है बीजेपी के विकास में। कई कंपनियां भाग गयी पैसा लेकर। सीवर की वजह से रीवा के वार्डों की सड़कों का सत्यानाश हो गया। कांग्रेस के समय वार्डो के अंदर सीमेंट की सड़कें बनी थी,उसे डिप्टी सीएम के प्रोजेक्ट ने शमसान बना दिया।

रीवा को डुबोया,सड़कों की जान ले ली
डिप्टी सीएम ने रीवा को मोदी के जुमले वाले भाषणों की तरह बना दिया। रीवा में अपनी इंजीनियरिंग ऐसी दिखाई कि जगह.-जगह बायी पास बनाकर मीडिया में अपनी पीठ थपथपाई। और बीजेपी की इंजीनियरिग में यह नहीं समझ पाए कि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होगी तो पानी घरों में घुसेगा साथ ही सड़कें भी मर जाएगी। शहर के किसी भी वार्ड में सड़क नहीं है। कालेज चौराहा जरूरत से ज्यादा बड़ा है। लेकिन यहां भी पानी निकासी नहीं होने से चौराहा गांव का खोर सा हो गया है। कालेज चौराहे से शिवनगर रोड तक सड़क खराब है। जगह.जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

नीम चौराहा से अजगरहा तक विकास खत्म
डिप्टी सीएम ने एक बार कहा था कि 40 फीसदी नहीं 25 फीसदी भ्रष्टाचार ठीक है। यह बात नगर निगम के संदर्भ में कहे थे।। लेकिन अब रीवा में जगह जगह भ्रष्टाचार साफ साफ दिखता है। उन्होंने अपने लोगों को ठेका दिलाया और उनके लोग सड़कें खा गए। अजगरहा तक सड़कें नहीं है। सौ मीटर में पांच सौ गड्ढे।बिजली चली जाए तो दो पहिया वाहन वालों का इस मार्ग पर चलना यानी सीधे अस्पताल जाना तय है।
