राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि स्कूलों में केवल बच्चों का नामांकन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर पढ़ना-लिखना सिखाना शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निरीक्षण के दौरान कक्षा चौथी या पांचवीं का कोई छात्र पढ़ना-लिखना नहीं जानता पाया गया तो इसे विद्यालय की गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित प्राचार्य एवं शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कठोर कार्रवाई की जाएगी
कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल बच्चों को स्कूल तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराना है। बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे और यदि शिक्षण व्यवस्था में लापरवाही मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यों की नियमित समीक्षा करें
बैठक में संभागायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करने, समस्याओं का समयबद्ध समाधान निकालने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाए और यह सुनिश्चित करे कि आम नागरिक को योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के मिले।