CHMO के आदेश रद्दी में,ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी - rashtrmat.com

CHMO के आदेश रद्दी में,ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी

राष्ट्रमत न्यूज बीजापुर(ब्यूरो)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च 2026 में जारी संलग्नीकरण समाप्ति आदेश का जमीनी स्तर पर पालन नहीं होने के आरोप सामने आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) बीजापुर ने 27 मार्च 2026 को आदेश जारी कर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में वर्षों से संलग्न अधिकारियों और कर्मचारियों का संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें तीन दिनों के भीतर अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए थे।
केंद्रों में वापस भेजने का निर्णय लिया गया
आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के अनुसार अन्य संस्थाओं में संलग्न चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का संलग्नीकरण समाप्त किया जा रहा है। इसके तहत जिला चिकित्सालय, जिला कार्यालय, 30 बिस्तरीय अस्पताल मड्डेड़ सहित विभिन्न संस्थानों में कार्यरत दर्जनों कर्मचारियों को उनके मूल स्वास्थ्य केंद्रों में वापस भेजने का निर्णय लिया गया था।
उप स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ की कमी
हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार आदेश जारी होने के कई माह बाद भी कई कर्मचारी और अधिकारी अभी तक अपने मूल पदस्थापना स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि जिला मुख्यालय और शहरी संस्थानों में कर्मचारियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है।
शिकायतें भी सामने आ रही
जानकारों का कहना है कि संलग्नीकरण समाप्त करने का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना था, लेकिन यदि आदेश का पालन ही नहीं हो रहा है तो इसका सीधा असर ग्रामीण मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। कई स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित सेवाएं प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
चर्चा का विषय बना हुआ है
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सीएमएचओ कार्यालय ने स्वयं आदेश जारी कर तीन दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया था, तो उसके पालन की निगरानी किसने की और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि आदेश का पालन नहीं हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन सवालों के बीच लोगों की नजर अब प्रशासन पर है कि वह आदेश के वास्तविक पालन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है या फिर यह आदेश भी अन्य कई आदेशों की तरह केवल फाइलों में सिमट कर रह जाएगा।