राम नाम की लूट है, कठघरे में राम मंदिर ट्रस्ट - rashtrmat.com

राम नाम की लूट है, कठघरे में राम मंदिर ट्रस्ट

राष्ट्रमत न्यूज,अयोध्या(ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगीआदित्य नाथ ने कहा कि जिसके पास राम मंदिर में गबन के संबंध में सबूत हो वो एसआईटी को सौंप दे। वहीं वे कह रहे हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि लोगों की आस्था,दान और भरोसे के राम मंदिर ट्रस्ट में गबन कैसे हो गया।


सुरक्षा को लेकर भी सवाल

राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट, अंत समय पछताएगा जब प्राण जाएंगे छूट।” इस दोहे का भाव यह है कि ईश्वर का नाम सबसे बड़ा धन है जिसे जितना चाहो अपना सकते हो लेकिन विडंबना देखिए कि आज के दौर में पैसे की लालसा इतनी बढ़ गई है कि भगवान के नाम पर चढ़ाए गए दान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

लोगों के विश्वास का उत्सव था

अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर केवल पत्थरों से बनी एक इमारत नहीं है बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संघर्ष और भावनाओं का प्रतीक है। इस मंदिर के निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया। किसी ने एक रुपया दिया तो किसी ने करोड़ों। किसी ने अपनी जेब से पैसे निकाले तो किसी ने इसे जीवन का सबसे बड़ा धार्मिक कर्तव्य माना। वर्षों के इंतजार और लंबे आंदोलन के बाद जब रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए तो यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास का उत्सव था।

कहां और कैसे खर्च हो रहा है?

अगर जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो जवाबदेही किसकी होगी? क्या सिर्फ कुछ कर्मचारियों की या फिर पूरे प्रबंधन तंत्र की? करोड़ों रुपये के दान का हिसाब-किताब कितना पारदर्शी है? क्या नियमित ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए? क्या दान देने वाले श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार नहीं कि उनकी आस्था से जुड़ा धन कहां और कैसे खर्च हो रहा है?यह सवाल सिर्फ राम मंदिर का नहीं है। देश के हर बड़े धार्मिक संस्थान के लिए यह एक कसौटी है कि आस्था के साथ पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। आखिर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च-हर जगह दान लोगों के विश्वास से आता है और विश्वास की सबसे बड़ी शर्त जवाबदेही होती है।   क्या भविष्य में एक रुपये से लेकर करोड़ों रुपये तक का दान देने वाला श्रद्धालु निश्चिंत होकर अपनी आस्था समर्पित कर पाएगा?इन सवालों के जवाब फिलहाल एसआईटी की जांच और आने वाले समय के पास हैं।