राष्ट्रमत न्यूज नई दिल्ली।(ब्यूरो)। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का समर्थन करने के लिए स्पीकर से संपर्क करने वाले बागी नेताओं पर ममता बनर्जी खेमे ने निशाना साधा है। इस बगावत से अब तृणमूल कांग्रेस के टूटने का खतरा पैदा हो गया है।टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने आज इसे धोखाधड़ी करार दिया। साथ ही उन्होंने राहत की बात भी कही कि बागी नेताओं ने अब अपनी वफादारी जाहिर कर दी है।

अस्तित्व बचाने की लड़ाई
उन्होंने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि दोहरे चरित्र वाले लोग चले गए हैं। जो भी जाना चाहता है, जा सकता है। आपके जाने से हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन आप तृणमूल और ममता बनर्जी का नाम नहीं ले सकते। लोग सच जानते हैं और वे हमारे साथ हैं।”तृणमूल के 15 साल के शासन के अंत के साथ ही कई नेताओं ने पाला बदल लिया, जिससे राजनीति में पांच दशक बिताने के बाद 71 वर्षीय ममता बनर्जी के सामने अस्तित्व बचाने की लड़ाई आ खड़ी हुई है।
बीजपी उन्हें नहीं करेगी शामिल’
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बीजेपी उनमें से किसी को भी शामिल नहीं करेगी। लोकसभा सांसद ने आज सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “उनके पास किसी दूसरी पार्टी में विलय करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है।”वहीं, सूत्रों के मुताबिक तृणमूल ने बागी नेताओं से संपर्क किया है। पार्टी के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी उन्हें वापस आने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें ममता बनर्जी के साथ उनके करीबी रिश्तों की याद दिला रहे हैं बागी सांसद अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
चुनौती देते हुए अपना चीफ व्हिप चुना
लगभग 20 सांसदों ने कल पार्टी आलाकमान को एक साफ संदेश दिया। उन्होंने ममता बनर्जी के उस फैसले को साफ तौर पर चुनौती देते हुए अपना चीफ व्हिप चुना और काकोली घोष दस्तीदार को अपना चीफ व्हिप बनाया। ममता बनर्जी ने यह अहम पद कल्याण बनर्जी को देने का फैसला किया था।
बागी नेता केंद्र सरकार से डरे हुए हैं