राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट के बैहर इलाके में मिट्टी और मुरम के अवैध खनन के एक मामले में अपर कलेक्टर ने मायरा रिसोर्ट के संचालक और जमीन के मालिकों समेत 13 लोगों पर कुल 4 करोड़ 99 लाख 6 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। बिना किसी कानूनी अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी और मुरम की अवैध खुदाई और ढुलाई की गई थी। जांच में पता चला है कि गोहारा में बन रहे मायरा रिसोर्ट परिसर के लिए इस निजी जमीन से करीब 35 हजार 270 घन मीटर मिट्टी और मुरम अवैध रूप से निकाली गई।

एक महीने की मोहलत
अदालती आदेश के मुताबिक, अगर 30 दिनों के अंदर जुर्माने की यह रकम कलेक्टर कोर्ट में जमा नहीं की जाती है, तो सजा के तौर पर दोगुनी राशि यानी 9 करोड़ 98 लाख 10 हजार रुपए भू-राजस्व बकाया की तरह जबरन वसूल किए जाएंगे।14 से 17 नवंबर और 20 नवंबर 2025 को राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक रमेश कुमार मेरावी की जांच के बाद मामला एसडीएम कार्यालय पहुंचा था। जहां से राजस्व केस को तहसीलदार की रिपोर्ट के आाधार पर एसडीएम कार्यालय से खनिज विभाग को 27 नवंबर 2025 को भेजा गया था।जिसमें खनिज विभाग ने उत्खनन क्षेत्र, वाहनों का विवरण और जुर्माना राशि को लेकर रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसमें अपर कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। जिसके बाद 5 जून को यह फैसला आया।
बिना मंजूरी के खोदी 35 हजार घन मीटर मिट्टी
यह पूरा मामला बैहर क्षेत्र के गोहारा गांव का है। यहां इतवारी गोंड, निस्तोर, मनोहर, अनुस्तिन, चैनसिंह, सीताबाई, मेतुबाई और शांताबाई की निजी जमीन से बिना किसी कानूनी अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी और मुरम की अवैध खुदाई और ढुलाई की गई। जांच में पता चला है कि गोहारा में बन रहे मायरा रिसोर्ट परिसर के लिए इस निजी जमीन से करीब 35 हजार 270 घन मीटर मिट्टी और मुरम अवैध रूप से निकाली गई थी।

2 करोड़ 49 लाख 52 हजार 5 लगा जुर्माना
इस अवैध खुदाई और ढुलाई के काम में जेसीबी मशीनें (नंबर एमपी-50-डीए-0714, एमपी-50-डीएम-436) और डंपर (नंबर एमपी-50-जेएच-4138) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया।अपर कलेक्टर डी.पी. बर्मन ने मध्यप्रदेश खनिज नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए रॉयल्टी की 15 गुना राशि के रूप में 2 करोड़ 49 लाख 52 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया है।इसके साथ ही, इतनी ही रकम पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने (पर्यावरण क्षतिपूर्ति) के बदले और 1,000 रुपए प्रसमन फीस के रूप में भी लगाए गए हैं।
परिवहन अधिकारी को भी निर्देश
मामले में पकड़े गए डंपर और जेसीबी मशीनों को उनके मालिकों को इस शर्त पर वापस सौंप दिया गया है कि वे इन गाड़ियों को न तो बेचेंगे, न ट्रांसफर करेंगे और न ही इनका रंग या ढांचा बदलेंगे। कोर्ट द्वारा मांगे जाने पर इन वाहनों को 24 घंटे के भीतर पेश करना होगा।इसके अलावा, परिवहन अधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे डंपर मालिक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करके 30 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपें।