बढ़ी तेल की कीमतों का विरोध वाहनों को धक्का मारकर किया - rashtrmat.com

बढ़ी तेल की कीमतों का विरोध वाहनों को धक्का मारकर किया

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में बहुजन मुक्ति पार्टी ने तीन चरणों में प्रदर्शन किया।अंतिम चरण में पेट्रोल डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों सहित महंगाई के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में वाहनों को धक्का देकर विरोध किया।इसके पहले कलेक्ट्रेड परिसर में चूल्हें में चाय बनाए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियांे ने ना सिर्फ पेट्रोल-डीजल एरसोई गैस के बढ़ते दाम व लगातार बढ़ती जा रही मंहगाई के खिलाफ आंदोलन किया बल्कि बेरोजगारी,स्मार्ट मीटर, ईवीएम मशीन बैन सहित वर्षो से लंबित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की।


मांगो का ज्ञापन सौंपा
अनोखे प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पहले तो सड़क से गुजरने वाले वाहनों को धक्का देकर महंगाई का पुरजोर विरोध किया।वहीं अपनी अन्य मांगो को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन कर एक ज्ञापन भी सौपा है।जिसमे उन्होंने उनकी सभी मांगो को यथाशीघ्र पूरी कराए जाने की गुहार लगाते हुए मांग पूरी ना होने पर अब जेल भरो आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।
चूल्हा जलाकर बनाई चाय रोटी
बहुजन मुक्ति पार्टी इसके पूर्व पहले चरण में 12 मई मंगलवार को लालटेन जलाओ आंदोलन किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर चैक में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रशासन को लालटेन भेंट कर अपना विरोध जताया था। तो वहीं बुधवार 20 मई को कलेक्टर गेट के सामने चूल्हा जलाकर चाय रोटी बनाकर बढ़ते दामों को लेकर पुनः अपना विरोध जताया था। तीसरे और अंतिम चरण में सड़क से गुजरने वाले वाहनों को धक्का देकर पेट्रोल डीजल की बढ़ती हुई कीमतों का विरोध किया।


आयोजित इस धरना प्रदर्शन में बहुजन मुक्ति पार्टी जिला अध्यक्ष इंजीहीरालाल भगतएलोकसभा प्रभारी सदाशिव हरिनखेडे राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुशील कुशराम,उपाध्यक्ष केवलसिंह उईके, राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला प्रकोष्ठ संभागीय प्रभारी नर्मदा नागवंशीएभारत मुक्ति मोर्चा के जिला प्रभारी रामदास ठवकर कार्यकारी जिला अध्यक्ष विकास खांडेकर,भारत मुक्ति मोर्चा कार्यकारी जिला अध्यक्ष विमल कुमार, ज्ञानदास जगनेए भागचंद गौतम, सविता उइकेएगीता बाई मेश्राम भागवंती बाई डाहरे, विघा बाई बोरकरए वंदना मेश्रामए पूर्णिमा वानखेड़े, पुना बोरकर, और वच्छ्ला बाई इंगेले सहित अन्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।