कच्चे तेल में 7 हफ्तों की सबसे बड़ी वीकली गिरावट,सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? - rashtrmat.com

कच्चे तेल में 7 हफ्तों की सबसे बड़ी वीकली गिरावट,सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

 राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)।  अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में इस हफ्ते 11ः की भारी गिरावट दर्ज की गई है यह पिछले 7 हफ्तों में किसी भी एक सप्ताह के भीतर आई सबसे बड़ी मंदी है। कच्चे तेल को ग्लोबल इकोनॉमी के लिए इसके अत्यधिक महत्व और मूल्य के कारण श्लिक्विड गोल्ड ;तरल सोनाद्ध कहा जाता हैण् इस रिपोर्ट में इसके भविष्य के रुख का आकलन किया गया है।

कच्चे तेल में 7 हफ्तों की सबसे बड़ी वीकली गिरावट से बढ़ी हलचल, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

ग्लोबल मार्केट्स के लिए यह एक मजबूत हफ्ता रहा है ।उसका सबसे बड़ा कारण है कच्चे तेल की कीमतें. जिसमें 11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है ।खास बात तो ये है कि 7 हफ्तों के बााद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में सबसे बड़ी वीकली गिरावट देखी गई है।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बाद आम लोगों के मन में महंगाई को लेकर चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं।

कीमतों में कमी होगी या नहीं

जानकारों की मानें तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरें हैं।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तीनों देशों की ओर से चल वॉर का अंत कभी भी हो सकता है।जिसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी थोड़ी थमी हुई है ।जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और ​भी गिरावट देखने को मिल सकती है अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी होगी या नहीं?

इस हफ्ते तेल की कीमतें

इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में लगभग 11% की गिरावट आई, जो सात हफ्तों में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी।वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 9% से ज्यादा की गिरावट आई, जो छह हफ्तों में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी।दोनों बेंचमार्क अप्रैल के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए ।शुक्रवार को, जुलाई के लिए ब्रेंट क्रूड वायदा, जिसकी डेडलाइन को ही समाप्त हो गई थी ।92.05 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ ।इसमें 1.66 डॉलर या 1.8 फीसदी की गिरावट आई ।अमेरिकी क्रूड WTI वायदा 87.36 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिसमें 1.54 डॉलर या 1.7 फीसदी की गिरावट आई।