न्यूक्लियर पावर प्लांट से दहशतजदा हैं ग्रामीण-इजी.शर्मा - rashtrmat.com

न्यूक्लियर पावर प्लांट से दहशतजदा हैं ग्रामीण-इजी.शर्मा

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रस्तावित रझौरी ग्राम में न्यूक्लियर पावर प्लांट की वजह से गांव के लोग दहशतजदा हैं।कांग्रेस औद्योगिक विकास का विरोध नहीं करती है। लेकिन न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने के पहले केन्द्र सरकार की जो गाइड लाइन है उस पर विचार किया जाना चाहिए।अति उत्साह में आकर ग्रामीणों की जिन्दगी के साथ खिलावाड़ न करें।

चिंतित और परेशान हैं ग्रामीण
पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बात जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेन्द्र शर्मा ने कही। उन्होने कहा कि विदेशों में कई देशों ने परमाणु सयंत्र का मोह त्याग दिया है।ग्राम रझौही के आस-पास के कई गांवों को जब से पता चला है कि न्यूक्लियर पावर प्लंाट लगने वाला है,उससे होने वाले नुकसान को जानने के बाद सभी चिंतित और परेशान हैं। इस वजह से गांव के तीस किलोमीटर के आस पास के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।कांग्रेस भी उनके साथ है।इसीलिए 24 से दो दिवसीय घेरा डालो,डेरा डालो विशाल धरना प्रदर्शन करने जा रही है।


ग्राम सभा का फर्जी पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा सकारात्मक विकास के खिलाफ कांग्रेस कभी नहीं रही। लेकिन देखा जा रहा है कि प्रशासन इसके लिए फर्जी ग्राम सभा का प्रस्ताव का पत्र रख कर दावा कर रहा है कि गांव को इससे आपत्ति नहीं है। जबकि यह सच नहीं है। ग्राम रझौही में न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए गा्रम सभा ने अपनी स्वीकृति नहीं दी है। ग्राम पंचायत सरई के सरपंच कोमल संजय सिंह ने कलेक्टर को 8 अगस्त 2026 को लिखे अपने पत्र में कहा है कि पंचायत का कोई भी गांव नहीं चाहता कि न्यूक्लियर पावर प्लांट यहां लगे। बीएसआर प्रोजेक्ट के तहत स्टैंडिंग सलेक्शन द्वारा 100 मीटर एव 50 मीटर बोरवेल के लिए ग्राम पंचायत अपनी सहमति नहीं दिया है।सरपंच ने अपने पत्र में लिखा है कि 4 सितम्बर 2026 को अपर जिला दंडाधिकारी को जो पत्र लिखा गया है मेरे लेटर पेड पर वो फर्जी है। हैरानी वाली बात है कि नीचे सरपंच का जो हस्ताक्षर है,वो ऐसा लगता है कि किसी पुराने लेटर पेड का फोटो कापी है।


ग्राम सभा की फर्जी NOC
न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर लोगों में भय व्याप्त है। इसके विरोध में ग्रामीण जल सत्याग्रह कर रहे हैं। इसको लेकर केवल कांग्रेस ही नहीं ग्रामीण भी चिंतित है। वहां की सरपंच ने बताया कि मैने आयुक्त रीवा संभाग और कलेक्टर को पत्र लिखा है कि हमारे द्वारा ग्राम सभा ने एनओसी नहीं दिया है।प्रशासन संदिग्ध तरीके से काम कर रहा है।


गाइड लाइन का पालन करें
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि केन्द्र सरकार ने ऐसे प्रोजेक्ट लगाने के संदर्भ में दिशा निर्देश जारी किये हैं। कांग्रेस की मांग है कि संबंधित व्यक्ति और जिला प्रशासन एक बार गाइड लाइन को पढ़ ले। उसके बाद भी न्यूक्लियर प्लांट लगाना जरूरी समझते हैं तो ऐसे स्थान पर लगाए जहां आबादी नहीं हैं।गाइड लाइन के मुताबिक साइट सीमा से 5 किमी के भीतर कोई भी सक्षम दोष मौजूद नहीं होना चाहिए।यानी आबादी नहीं होनी चाहिए।संचालन के लिए और शटडाउन कूलिंग के दौरान साइट के पास पर्याप्त मात्रा में कूलिंग पानी की उपलब्धता होनी चाहिए। स्थल के चयन के लिए महत्वपूर्ण वांछनीय मानदंड,जनसंख्या घनत्व राज्य के औसत जनसंख्या घनत्व के 2.3 से कम होना चाहिए।5 कि.मी.निष्फल क्षेत्र के भीतर जनसंख्या 20000 व्यक्तियों से कम होनी चाहिए।जनसंख्या केन्द्रों की दूरी 10000 व्यक्ति कम से कम 10 किमी से अधिक होनी चाहिए।बड़े जनसंख्या केंद्रों की दूरी100000 व्यक्ति 30 किमी से अधिक होनी चाहिए।भू.भाग यथोचित समतल होना चाहिए।


उत्साह में लोगों की जिन्दगी से न खेलें
कांग्रेस नेता ने कहा कि लेकिन हैरानी वाली बात है कि पांच सौ मीटर दूर प्रधान मंत्री आवास हैं,और बसाहट है।सरई पंचायत बहुत बड़ी है।पांच हजार लोगों की बसाहट है। प्लांट के कर्मचारियों की आवासीय कालोनी तरहार में बीस किलोमीटर दूर है। पावर प्लांट के करीब नहीं है। सवाल यह है कि क्या विस्थापन करना चाहती है सरकार ग्रामीणों का।उन्होंने कहा कि 17 देशों में 175 पावर प्लांट लगे हैं। लेकिन इसके रेडियेशन से होने वाले विपरीत प्रभाव की वजह से बंद करने जा रहे हैं।जर्मनी में तीन पावर प्लांट बंद कर दिये। ऐसे पावर प्लांट से थायराइड कैंसर,ब्लड कैंसर,और पांच साल के बच्चों के लिए सबसे अधिक खतरनाक है। कांग्रेस विकास के रास्ते में रोड़ा नहीं बनना चाहती है। लेकिन उत्साह में रीवा वालों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ न करें। कलेक्टर की बातों से शक होने लगा है कि पावर प्लांट ग्रामीणों के न चाहने के बावजूद लगाएंगे।

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