राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।बालाघाट की 125 बैंक शाखाओं पर सोमवार से लटकेंगे ताले। बैक के सात संगठनों का कहना है कि केन्द्र सरकार बैंको का निजीकरण करना चाहती है। वो पूंजीवाद का समर्थक है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर के बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे।इस देशव्यापी आंदोलन में देश के 7 बड़े बैंक अधिकारी और कर्मचारी संगठन एकजुट हुए हैं ।इस लगातार 3 दिनों की हड़ताल के कारण बैंकों में सभी कामकाज ठप रहने की संभावना है, जिससे आम ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे
बालाघाट में हड़ताल की तैयारियों को लेकर शनिवार को बैंक संगठन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव लीलाधर सुलाखे ने बताया कि वर्ष 2015 और 2024 के वेतन समझौतों में सरकार और प्रबंधन ने ‘5-डे वर्किंग’ (सप्ताह में 5 दिन काम) लागू करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब सरकार अपनी बात से मुकर रही है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 5-डे वर्किंग लागू की जाती है, तो बैंककर्मी इसकी भरपाई के लिए हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को पूरी तरह तैयार हैं।

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे
संगठनों ने केंद्र सरकार पर पूंजीवाद समर्थक होने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की मंशा रखने का आरोप लगाया है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो बैंक कर्मचारी 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

आंदोलन में शामिल हैं ये 7 प्रमुख बैंक संगठन
इस देशव्यापी आंदोलन में देश के 7 बड़े बैंक अधिकारी और कर्मचारी संगठन एकजुट हुए हैं, जिनमें शामिल हैं।ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA),ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC),नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE),ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA),बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI),इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC),इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (INBEF)