राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मौलाना आजाद एजुकेशन सोसाइटी डोंगरिया में 19 जनवरी की शाम 12वां जलसा का आयोजन हुआ। जिसमें 12 छात्रों को हाफिज.ए.कुरान की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में मौलाना आजाद एजुकेशन सोसाइटी से शिक्षा ग्रहण कर चुके छात्रों का मिलन सम्मेलन भी आयोजित हुआ। जिसमें एमबीबीएस डाक्टर, इंजीनियरिंग और उपपुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हुए।

जब सुनाए अपनी पुरानी बात
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना अब्दुल वहाब पारेख थे। जहां कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना जियाउर्रहमान साहब कुरैशी कामठी नागपुर ने की। आंगतु अतिथियों ने 25 साल पुराने इस स्कूल की कार्यगुजारी से उपस्थित लोगों को अवगत करवाया। कार्यक्रम की शुरूआत अध्यनरत छात्रों ने कुरान की तिलावत और नातेपाक से किया। इस जलसे में लोग उस समय सोचने को मजबूर हो गए।जब इस एजुकेशन सोसाइटी से फारिग छात्र और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में उपपुलिस अधीक्षक के रूप में सेवा दे रहे शेख वसीम ने अपनी शुरूआती पढ़ाई की जानकारी से अवगत करवाया।
फीस भी जमा नहीं कर पाते थे
शेख वसीम नेे बताया कि वे गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता ट्रक ड्राइवर थे और तीन भाइयों को यहां पर पढ़ाई के लिए दाखिल करवाया। तीनों भाईयो में मैने हाइस्कूल तक शिक्षा यही ली और दूसरा.तीसरा भाई कुरान का हाफिज बना। उस समय मेरे पिता तीनों को मात्र 50रुपया महीना खर्चा दिया करते थे। गरीबी इतनी थी कि वह यहां की फीस भी जमा नहीं कर पता थे। लेकिन हमारी पूरी पढ़ाई का खर्चा इसी संस्था के उठाया। अंत में 12 छात्रों को जो कंठस्थ कुरान को हाफिज किया जहां उनको धार्मिक विद्वानों के द्वारा उपाधि से सम्मानित किया गया। तत्पश्चात समापन में दुआ करवाएं गए। जिसमें संस्था की तरक्की और देश की अमन शांति के लिए दुआएं की गई। इस कार्यक्रम में आसपास के राज्यो व जिलों से भी हजारो लोगों ने भाग लिया।