राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। मोबाइल के दौर में करवा चौथ में महिलाओं ने चांद के निकलने का इंतजार नहीं किया। अर्नब चक्रवात की वजह से चांद निकलने में देर होने पर महिलाओं ने मोबाइल में गूगल से चांद की तस्वीर निकाला। और उसे चलनी से देखकर अर्घ दिया। अर्नब चक्रवात की वजह से बदला मौसम में महिलाओं ने चलनी से पति का चेहरा देखकर व्रत खोला।

पति का चेहरा देखकर व्रत खोला
पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ सौभाग्यवती महिलाओं ने गुरुवार को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। अर्णब तूफान के असर से बदले मौसम के कारण देर रात तक चांद का दीदार नहीं हो सका। ऐसे में कई महिलाओं ने मोबाइल पर चांद की फोटो देखकर अर्घ्य दिया और छलनी से पति का चेहरा देखकर व्रत खोला।

शिव-पार्वती सहित देवी-देवताओं का पूजन
करवा चौथ पर महिलाओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, भगवान गणेश और चंद्रमा की विशेष पूजा-अर्चना की। घरों और मंदिरों में सामूहिक रूप से माता करवा की कथा का वाचन किया गया। महिलाओं ने माता करवा से पति की लंबी उम्र और परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की। चन्द्रवती शुक्ला ने बताया कि करवा चौथ का व्रत पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इसी कामना के साथ महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं।
थाली में सास को भेंट देती
पंजाबी और सिंधी समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवा चौथ का पर्व मनाया। महिलाओं ने एक साथ पूजा-अर्चना कर माता करवा से पति की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा।पंजाबी समाज में करवा चौथ पर सास की ओर से बहू को सरगी देने की परंपरा है। व्रत शुरू होने से पहले सास बहू को सरगी देती है। इसके बाद बहू उसी पूजन की थाली में सास को भेंट देती है।