राष्ट्रमतन्यूज,नईदिल्ली(ब्यूरो)। यूपीआई से भुगतान करने वालों और दुकानदारों के लिए अहम खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। एनपीसीआई ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। अब यह शुल्क दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा, हालांकि इसकी सटीक तारीख अलग से घोषित होगी। यह शुल्क सभी यूपीआई भुगतानों पर नहीं लगेगा, बल्कि तय शर्तों के तहत आने वाले कुछ कारोबारी लेनदेन पर ही लागू होगा।

जरूरी सेवाओं के लिए अलग शुल्क
कुछ जरूरी सेवाओं से जुड़े चुनिंदा कारोबारी लेनदेन के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र ट्रांजैक्शन पर एक तय शुल्क लिया जाएगा, जो 5 रुपये प्रति लेनदेन होगा। इसमें रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन, बिजली-पानी जैसी उपयोगिता सेवाएं और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन श्रेणियों में आने वाले भुगतान पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लेने के बजाय तय रकम वाली व्यवस्था लागू होगी।
फैसला दिवाली तक क्यों टाला गया
दिवाली के दौरान देश भर के बाजारों में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, गहने और सामानों की भारी बिक्री होती है। ऐसे में डिजिटल पेमेंट बढ़ जाता है।कारोबारी संगठनों और पेमेंट कंपनियों का मानना था कि त्योहारों के बीच नया नियम लागू करने से दुकानों पर पेमेंट में रुकावट आ सकती है। इसी बात को ध्यान में रखकर NPCI ने दिवाली तक इस फैसले को आगे बढ़ा दिया है।

कारोबारियों को ज्यादा नुकसान होगा
सरकार के इस फैसले का देशभर के कारोबारियों और विपक्षी नेताओं ने विरोध किया था। विरोध दो स्तरों पर हुआ। विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक और आम लोगों पर असर को लेकर सवाल उठाए, जबकि कारोबारी संगठनों ने लागत बढ़ने और ग्राहकों पर बोझ पड़ने की आशंका जताई। उनका कहना था कि इससे छोटे कारोबारियों को ज्यादा नुकसान होगा।