अश्लील वीडियो वायरल करने की दी धमकी,मांगे पांच लाख रुपए - rashtrmat.com

अश्लील वीडियो वायरल करने की दी धमकी,मांगे पांच लाख रुपए

राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट (ब्यूरो)। जिले के तिरोड़ी थाना क्षेत्र में अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तिरोड़ी पुलिस ने इस मामले पर पिता.पुत्र समेत एक नाबालिग बालक को गिरफ्तार कर उनके ब्लैकमेलिंग इरादे को बेनकाब किया। इस घटना के बाद लोग चर्चा कर रहे हैं कि ऐसा क्या है कथित वीडियो में।


पांच लाख रुपए मांगे
पुलिस के अनुसार आरोपी हर्षल मेश्राम उसका पिता दिलीप मेश्राम और एक नाबालिग साथी मिलकर सुनियोजित तरीके से एक प्रार्थी को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपियों ने प्रार्थी को धमकी दी कि उनके पास उसका एक अश्लील वीडियो है जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। लेकिन वीडियो को वायरल न करने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। जांच से पता चला कि आरोपियों ने सीधे प्रार्थी को नहीं बल्कि उसके बेटे को निशाना बनाया गया। आरोपी पिता.पुत्र ने प्रार्थी के बेटे को कथित अश्लील वीडियो दिखाकर मानसिक दबाव बनाया और उसके जरिए रकम वसूलने की कोशिश की।
हर्षल की गिरफ्तारी से खुलासा हुआ
बेटे के माध्यम से बात नहीं बनी तो आरोपियों ने सीधे प्रार्थी को टारगेट कर फोन पर धमकियां देना शुरू कर दिया। लगातार धमकियों और सामाजिक प्रतिष्ठा पर खतरे से परेशान होकर आखिरकार प्रार्थी ने तिरोड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। जहां शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तिरोड़ी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले हर्षल मेश्राम को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान हर्षल ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा करते हुए अपने पिता दिलीप मेश्राम और एक नाबालिग साथी का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने पिता.पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। जबकि नाबालिग को विधि अनुसार संरक्षण में लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं 308य2द्ध 3ए 5 तथा धारा 294 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। गिरफ्तार आरोपी पिता.पुत्र को न्यायालय में पेश किया गयाए वहीं नाबालिग आरोपी को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
ब्लेकमेलिंग करने वालों से डरे नहीं
तिरोड़ी थाने के एएसआई उमेश दियेवार ने बताया कि ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों में डरने की बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना चाहिए। ऐसे मामलों में कानून पीड़ित के साथ खड़ा है और आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म का दुरुपयोग कर अपराधी किस तरह लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा को हथियार बनाकर अवैध वसूली में जुटे हैं।

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