नलजल योजनाओं के निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करें-सांसद - rashtrmat.com

नलजल योजनाओं के निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करें-सांसद

 राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)।  सांसद  जनार्दन मिश्र ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित दिशा समिति की बैठक में कहा कि समूह नलजल योजनाओं की प्रगति ठीक नहीं है। पाइपलाइन बिछाने घरों में कनेक्शन देने, टंकियों के निर्माण तथाअन्य सभी कार्यों में कई बार निर्देश देने के बावजूद ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं। नलजल योजनाओं के निर्माण मेंलापरवाही और देरी करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करें।

कार्यों की सतत निगरानी कराएं

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर को नल से स्वच्छ जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई करें। जल जीवन मिशन देश की सबसे बड़ी ग्रामीण विकास की योजना है। इसके कार्यों की सतत निगरानी कराएं। कंदैला नलजल योजना] रीवा बाणसागर तथा टमस बाणसागर समूह नलजल योजना के कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं है। संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी इस महत्वाकांक्षी योजना पर विशेष ध्यान दें।

3680 घरों में ही सोलर पैनल लगाए गए

सांसद ने कहा कि हर घर सूर्य ऊर्जा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। सभी शासकीय भवनों में उपयुक्त पाएजाने पर सोलर पैनल लगाकर अक्षय ऊर्जा स्रोत बनाएं। किसानों और जनप्रतिनिधियों को भी इस योजना से लाभान्वित कराएं। सभी जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दें। अभी केवल 3680 घरों में ही सोलर पैनल लगाए गए हैं। इस काम पर भी विशेष ध्यान दें। फीडर सेपरेशन की आरडीएसएस योजना में 6 सब स्टेशन का निर्माण पूरा हो गया है।

फीडर सेपरेशन का कार्य तेजी कराए

निर्माण एजेंसी मजदूरों की संख्या बढ़ाकर फीडर सेपरेशन का कार्य भी तेजी से पूरा कराए। एजेंसी द्वारा समयसीमा पूरा होने के बावजूद कार्य पूरा न करना उसकी लापरवाही दर्शाता है। अधीक्षण यंत्री कार्यों की मानीटरिंग करें तथा समय सीमा पर कार्य पूरा कराएं। बिजली की क्षतिग्रस्त केबिल बदलने के लिए भी तत्काल केबिल खरीदकर सुधार कराएं।

समुचित उपचार कराएं

बैठक में सांसद ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन कराकर उनकी नियमित जाँच कराएं।एनिमिक महिलाओं का प्रोटोकाल के अनुसार समुचित उपचार कराएं। हायर सेकण्डरी स्कूल और कालेजों में स्वास्थ्य शिविरलगाकर छात्राओं के स्वास्थ्य की जाँच करें। उनमें एनिमिक छात्राओं को समुचित दवाएं दें तथा सुरक्षित मातृत्व के संबंध मेंजागरूक करें। लापरवाह आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करें।