कथा रंग सम्मान के हकदार कलमकारों की रचनाएं बताती हैं कि उनका बयान अदब के लिफाफे में पाठकों तक पहुंचता रहेगा। कलमकारों ने अपने वक्त की क्रूरताओं,अव्यवस्था,सुंदरता,सियासी मक्कारियां और मुहब्बत की कई मिसालें प्रस्तुत की हैं।
कथा रंग सम्मान के हकदार
देश विदेश से दो सैकड़ा से भी अधिक कलमकारों ने अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता कथा रंग 2024-25 के लिए अपनी कहानियां भेजी। कहानियों की भीड़ में से 16 ऐसे ताजादम जहीन रचनाकारों की कहानियों को कथा रंग सम्मान के हकदार के रूप में चयन किया गया है। ये ऐसे कलमकार है जिन्होंने थोड़ा सा लिख कर ही अदब की दुनिया में हलचल मचा दिये हैं। फेस बुक और सोशल मीडिया में वैसे इन्हें देश- विदेश के बहुत लोग जानते हैं।
अदब के लिफाफे में
कलमकारों की रचनाओं के विषय,शिल्प,और शैली में उनकी दक्षता साबित करती है कि वो सम्मान के हकदार हैं। इनमें खास किस्म की ताजगी है। सम्मान के हकदार कलमकारों की रचनाएं बताती हैं कि उनका बयान अदब के लिफाफे में पाठकों तक पहुंचता रहेगा। कलमकारों ने अपने वक्त की क्रूरताओं,अव्यवस्था,सुंदरता,सियासी मक्कारियां और मुहब्बत की कई मिसालें प्रस्तुत की हैं।
श्रेष्ठ रचनाओं की श्रेणी में
अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता कथा रंग 2024.25 के परिणाम में 16 दमदार रचनाकारों में 13 लेखिकाओं ने बाजी मारी। कथा रंग के संयोजक आलोक यात्री के अनुसार स्पर्धा की सर्वश्रेष्ठ रचना सुश्री अर्चना पैन्यूली की केवल शिक्षिका नहीं गुरु भी चुनी गई है। जिसे शिवम कपूर स्मृति प्रेमचंद कथा सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। श्री यात्री के अनुसार द्वितीय स्थान पर उमंग जौली सरीन की रचना ष्राधिका मैया और उजमा कलाम की कहानी वह थी नानी का चयन किया गया है। तृतीय स्थान के लिए विभा रानी की उजाले वाला समय, रमेश कुमार रिपु की आधा आसमान और डाॅ. रंजना जायसवाल की लौंग का चयन हुआ।
कथा गौरव सम्मान
इसके अलावा सुधा जुगरान की कहानी कहा ना डर लगता है, आशा शर्मा की टेढ़े पांव का सफर,प्रकृति पाखी की किराए के रिश्ते, डाॅ ज्योत्सना मिश्रा की कहानी श्रवण कुमार और बाण मोहब्बत का, और डाॅ. मनीष प्रसन्न की अक्षम्य को निर्णायक मंडल द्वारा कथा रंग सृजन सम्मान के लिए विशेष रूप से चुना गया। साथ ही प्रज्ञा रोहिणी की नेपथ्य, डाॅ पल्लवी जोशी की दैट वुमन, प्रदीप भट्ट की मिट्टी की महक, सुधा थपलियाल की पांच लाइनें,और डाॅ. लोकेंद्र सिंह कोट की कहानी बंटवारा का चयन यात्री कथा गौरव सम्मान के लिए किया गया। यहां यह भी गौरतलब है कि इस स्पर्धा में महिला रचनाकार पुरुष लेखकों से बहुत आगे रहीं।
श्रेष्ठ रचनाओं को चुनने वाले
कथा रंग स्पर्धा में निर्णायक मंडल में प्रमुख रूप से सुप्रसिद्ध साहित्यकार हरियश राय,योगेन्द्र दत्त शर्मा, कमलेश भट्ट कमल, सिनीवाली, विपिन जैन और शकील अहमद शामिल थे। जिनका धन्यवाद व्यक्त करते हुए श्री यात्री ने बताया कि कहानियों की श्रेष्ठता का चयन निश्चित ही दुरूह कार्य था लेकिन चयनकर्ताओं के अथक प्रयास के बाद इसे निर्णायक स्थिति तक पहुंचाया जा सका। आलोक यात्री के अनुसार स्पर्धा में चयनित रचनाकारों को शीघ्र आयोजित कथा रंग साहित्योत्सव एवं अलंकरण समारो में सम्मानित किया जाएगा।
