आवापल्ली धान मंडी में टोकन कटने की रफ्तार धीमी, किसान परेशान - rashtrmat.com

आवापल्ली धान मंडी में टोकन कटने की रफ्तार धीमी, किसान परेशान

 राष्ट्रमत न्यूज,बीजापुर/आवापल्ली(ब्यूरो)। धान खरीदी के मौजूदा सीजन में आवापल्ली धान मंडी में टोकन कटने को लेकर किसानों में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं, लेकिन टोकन तय संख्या में ही कटने के कारण खरीदी प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रही है। इससे कई किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है।
अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा
किसानों का कहना है कि टोकन एक साथ नहीं कटने के कारण उन्हें बार-बार मंडी आना पड़ रहा है। कई किसान ट्रैक्टर–ट्रॉली में धान लेकर मंडी परिसर में खड़े हैं, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि उनका टोकन कब कटेगा। इस स्थिति में किसानों को परिवहन, मजदूरी और अन्य व्यवस्थागत खर्चों का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।
इस संबंध में धान मंडी प्रबंधक पिंगलेश्वर साहू ने बताया कि शासन द्वारा लागू ऑनलाइन टोकन प्रणाली के तहत प्रतिदिन 2 हजार क्विंटल धान खरीदी की सीमा तय है। इसी निर्धारित सीमा के अनुसार लगातार टोकन काटे जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टोकन कटने की प्रक्रिया बंद नहीं है, बल्कि नियमित रूप से जारी है। जो किसान अभी टोकन से वंचित रह गए हैं, उनके टोकन भी क्रमवार तरीके से जल्द काट लिए जाएंगे।
एक साथ टोकन देना संभव नहीं
मंडी प्रबंधन का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के कारण सभी किसानों को एक साथ टोकन देना संभव नहीं होता, इसलिए टोकन क्रम से काटे जा रहे हैं। इसका उद्देश्य खरीदी व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखना है, ताकि बाद में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा और किसी किसान के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
मंडी प्रबंधन का दावा
वहीं किसानों की मांग है कि मंडी स्तर पर रोजाना टोकन कटने की स्थिति और खरीदी की प्रगति की जानकारी सार्वजनिक की जाए। इससे किसानों को पहले से पता रहेगा कि किस क्रम में उनका टोकन कटेगा और उन्हें अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।कुल मिलाकर, आवापल्ली धान मंडी में टोकन कटने की सीमित क्षमता के कारण किसानों को कुछ परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन मंडी प्रबंधन का दावा है कि जल्द ही शेष किसानों के टोकन भी काटकर खरीदी प्रक्रिया को गति दी जाएगी।

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