रोपा लगाने जा रही महिलाओं से भरी पिकअप पलटी,25 घायल - rashtrmat.com

रोपा लगाने जा रही महिलाओं से भरी पिकअप पलटी,25 घायल

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट (ब्यूरो)। बालाघाट के रामपायली थाना क्षेत्र में ग्राम पुनी-बटरमारा पुलिया के बीच बोलेरो पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 20 से 25 खेतीहर मजदूर घायल हो गए।घायलों में 7 से 8 की हालत गंभीर है, जिनमें अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। हादसे के बाद करीब 18 मजदूरों को बालाघाट जिला अस्पताल लाया गया है।सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से जिला अस्पताल बालाघाट पहुंचाया गया। इनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोंदिया रेफर किया गया है।घटना तकरीबन सुबह 9 से 10 बजे के बीच की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रामपायली पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल भिजवाया।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया
खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने का काम चल रहा है। डोंगरमाली और बिटोडी की महिलाएं एक पिकअप वाहन में सवार होकर नेवरगांव पराह लगाने जा रही थीं। सुबह करीब 9.30 से 10.00 बजे के बीच ग्राम पूनी और बटरमारा गांव के बीच वैनगंगा नदी के पुल के पहले पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में पिकअप वाहन के चारों पहियें उपर ही दिशा में हो गये। हादसे के बाद अफरा.तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस से सभी घायलों को एम्बुलेंस एवं निजी वाहनों से जिला अस्पताल बालाघाट लाया गया।

गोंदिया रेफर किया गया

घायलों में डोंगरमाली निवासी सविता लिल्हारे और सुनीता गजभि की हालत गंभीर है। दोनों को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद गोंदिया रेफर किया गया है। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण वाहन का अनियंत्रित होकर पलटना बताया जा रहा है।


परिवहन नियमों का उल्लंघन
खरीफ सीजन में खेतों तक मजदूरों को ले जाने के लिए पिकअप जैसे मालवाहक वाहनों का उपयोग आम बात है। जबकि ऐसे वाहनों में यात्रियों को ले जाना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जोखिमपूर्ण है। क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना,सीटबेल्ट जैसी सुरक्षा सुविधाओं का अभाव और वाहनों की तकनीकी स्थिति की अनदेखी हादसों की आशंका बढ़ा देती है। यदि वाहन की गति नियंत्रित होती,श्रमिकों के लिए सुरक्षित यात्री वाहन की व्यवस्था की गई होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। दूसरी ओर परिवहन नियमों के उल्लंघन पर नियमित कार्रवाई का अभाव भी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है।

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