राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)। भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर गुरुवार को प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी सड़क पर बैठकर थालियां बजाने लगे। इससे चौराहे पर ट्रैफिक जाम हो गया।पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए।

बस में बैठाने की कोशिश की
पुलिस ने घसीटा तो बोली- आज व्रत है, दया नया आती; जॉइनिंग नहीं तो जहर दे दो।पुलिसकर्मियों ने महिला अभ्यर्थियों को घसीटकर बस में बैठाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ लिया।महिलाओं ने नारे लगाए। एक कचैड़ी दो समोसा इस शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा।

उस बेचारी दीदी का आज व्रत है
पुलिस ने जब उन्हें हिरासत में लेना शुरू किया, तो प्रदर्शनकारी राष्ट्रगान गाने लगे। कार्रवाई के दौरान एक महिला रोने लगी। उसने कहा, “आपको कुछ शर्म नहीं आ रही, हमें ऐसे खींचकर ले जा रहे हैं। उस बेचारी दीदी का आज व्रत है।एक अन्य महिला मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए बोली, “आपको दया नहीं आ रही है? हम कई दिनों से सड़क पर हैं, क्या आपको दिखाई नहीं दे रहा कि हम कितने प्रताड़ित हो गए हैं?”

नियुक्ति और पदस्थापना पर अड़े अभ्यर्थी
आंदोलन में सम्मिलित अभ्यर्थियों ने कहा कि नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग को लेकर ठोस निर्णय होने तक उनका यह विरोध प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। अभ्यर्थियों ने भर्ती नियमावली के खंड 49 का संदर्भ देते हुए अभिलेखों के सत्यापन के दौरान डीएलएड डिग्री से संबंधित रखी गई शर्त का मामला रेखांकित किया। अभ्यर्थियों की मांग है कि प्रशासन उनके नियुक्ति पत्र शीघ्र जारी करे और उन्हें विद्यालयों में पदस्थापना प्रदान करे।
जॉइनिंग नहीं दे सकते तो जहर दे दो
एक महिला अभ्यर्थी ने रोते हुए कहा, “अगर नियुक्ति नहीं देनी है, तो हमें जहर दे दो। क्या घर जाने के लिए हमें मार दोगे? क्या हमें जीने का हक नहीं है?”एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि वे पिछले दो साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।जब पुलिसकर्मी उसे पकड़कर बस की ओर ले जाने लगे, तो उसने विरोध करते हुए कहा, “हमें जबरदस्ती घसीटकर ले जाया जा रहा है। हम भी तो शिक्षक हैं। हमने इतनी मेहनत करके दो-दो परीक्षाएं पास की हैं। हम ऐसे ही थोड़ी बैठे हैं।”