कोई भी न्यायपालिका को धौंस नहीं दिखा सकता,मेट्रो बंद करने पर केंद्र ने माफी मांगी - rashtrmat.com

कोई भी न्यायपालिका को धौंस नहीं दिखा सकता,मेट्रो बंद करने पर केंद्र ने माफी मांगी

राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिकाओं पर भारतीय निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों को नोटिस जारी किया है। ये याचिकाएं राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और असदुद्दीन ओवैसी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी

याचिकाओं में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया है। अब इस मामले में निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। केंद्र सरकार ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में इंटरनेट बंद करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है।

‘कोई भी न्यायपालिका को धौंस नहीं दिखा सकता’
सुनवाई के दौरान जब पीठ के सामने कुछ वकीलों की ओर से राहुल गांधी के हालिया मार्च का उल्लेख किया तो चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को धौंस नहीं दिखा सकता।
12 नेताओं ने दायर की थी याचिका
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के 12 अन्य नेताओं ने यह याचिका दायर की है। याचिका 12 अक्तूबर को दाखिल हुई थी और शुरुआती प्रक्रियागत कमियों को दूर करने के बाद 13 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज की गई। इसका मामला W.P.(C) No. 001351/2026 के रूप में दर्ज है।
अफवाह रोकने के लिए कदम उठाना पड़ा

केंद्र सरकार ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में इंटरनेट बंद करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। गृह सचिव गोविंद मोहन ने कोर्ट को दिए हलफनामे में कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाह रोकने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।मेट्रो सेवा के मुद्दे पर DMRC ने कहा कि मेट्रो को पूरी तरह बंद नहीं किया गया था। सिर्फ 45 स्टेशनों पर ही आवाजाही रोकी गई थी।दरअसल, 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन बुलाया था। पुलिस की अनुमति न होने के कारण दिल्ली में कड़ी बैरिकेडिंग की गई थी, मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, इंटरनेट सेवाएं रोकी गई थीं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

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