डिप्टी CM बेखबर, जहरीली सिरप से मासूम की मौत,मेडिकल संचालक को जेल - rashtrmat.com

डिप्टी CM बेखबर, जहरीली सिरप से मासूम की मौत,मेडिकल संचालक को जेल

राष्ट्रमत न्यूज,मऊगंज(ब्यूरो)।  मध्यप्रदेश केमऊगंज जिले के खटखरी गांव की श्वेता यादव हैरान है कि उसके पांच महीने के बेटे को सर्दी खांसी थी सिरप पिलाने के बाद उसकी मौत कैसे हो गयी? श्वेता यादव ने मेडिलक स्टोर्स के संचालक जितेन्द्र गुप्ता से विक्स की गोली देने को कहा। उसने बताया कि उसके बेटे को सर्दी है और खांसी आ रही है। उसने कहा इसकी समस्या गंभीर है। इसे सिरप दे दो ठीक हो जाएगा। उसने श्वेता यादव को तीन सिरप दिया। सिरप पिलाने के बाद उसके बेटे की मौत हो गयी।छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप मौत का तांडव करने के बाद मऊगंज के खटखरी में एक मासूम की जान ले ली।जहरीली सिरप से अब तक प्रदेश में 26 मासूमों की जानें जा चुकी है।


बीस साल से लाइसेंस नहीं
मऊगंज में पिछले बीस साल से जितेन्द्र गुप्ता बिना किसी लाइसेंसे के मेडिकल स्टोर्स चला रहे हैं। इसके पहले उनके पिता मिश्रीलाल गुप्ता देखते थे उनकी मौत के बाद उनके दोनों बेटों ने मरीजों को इलाज करना शुरू कर दिया। जरूरत पड़ने पर इलाज भी करते हैं। इंजेक्शन लगाने से लेकर बोतल तक चढ़ाते आए हैं। श्वेता यादव के पांच महीने का बेटा धमेन्द्र की मौत के बाद से यह राज खुला कि वो बिना लाइसेंसे के अभी तक दवा बेचते आए हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दी।


डिप्टी CM की लापरवाही
सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य मंत्री यानी डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला दो साल से स्वास्थ्य मंत्री हैं,उन्हें अपने ही जिले में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कभी उन्होंने बीएमओ को और ड्रग्स इंस्पेक्टर को आदेश दिया कि अवैध मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ का पता कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें।वैसे भी गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह ने मऊगंज सीएमएचओ संजीव शुक्ला के खिलाफ सीएम को पत्र लिख चुके हैं। सिर्फ सरकारी जमीन बेचकर काम्प्लेक्स बनवाना ही पर्याप्त नहीं है,लोगों के जीवन का भी डिप्टी सीएम को ध्यान देना चाहिए।


क्लीनिक,मेडिकल स्टोर्स सीज
मामला सामने आने पर, जैसे ही गुस्सा भड़का प्रशासन हरकत में आया। वहीं पहले उदासीन दिख रहे जिम्मेदार अब सख्त नजर आए। पुलिस ने मेडिकल स्टोर्स संचालक जितेन्द्र गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। साथ ही अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को सीज कर दिया गया।


मासूम का पोस्टमार्टम हुआ
आज प्रशासनिक टीम हनुमना बीएमओ तहसीलदार और पटवारी देवरा गांव पहुंची और दफनाए गए मासूम धर्मेन्द्र का शव जमीन से निकाला गया। शव को स्वर्ग रथ से रीवा पहले हनुमना और फिर फारेंसिक जांच के लिए श्याम शाह मेडिकल कालेज भी भेजा गया। जहां पर विशेषज्ञों की टीम ने जांच की। जहां पोस्टमार्टम और फारेंसिक जांच हुई। ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।परिवार एक बार फिर अपने मासूम की लाश को देखकर बिलख पड़ा। परिवार कहता है कि नहीं पता किस वजह से मेरा बेटा मर गया। हम तो अपने बेटे को दवा पिलाए थे। लेकिन वो दवा उसके लिए जहर है,इसकी कल्पना भी नहीं किये थे।पोस्टमार्टम के बाद मासूम के शव को फिर से दफ्ना दिया गया।


ये दवा दी गयी मासूम को
मेडिकल वाले ने जो सिरप दिया था उस सिरप का खोखा बच्चे का जहां दफनाया गया था वहां पड़ा था।कफ सिरप की सभी बोतलें स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के पास से बरामद करके ले गई है।


सिस्टम सो गया था
इस हादसे ने मऊगंज स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। बड़ा सवाल यह है कि 24 अक्टूबर को जब मौत हुई थी, तब प्रशासन कहां था ? सीएमएचओ संजीव शुक्ला क्या कर रहे थे? कार्रवाई उस समय क्यों नहीं हुई जब बच्चा जिंदगी और मौत से जूझ रहा था अब जबकि मासूम दुनिया छोड़ चुका है तब सिस्टम जागा है।फिलहाल जांच जारी है लेकिन यह मामला सिर्फ एक क्लीनिक की नहीं, पूरे सिस्टम की सुस्ती और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। गांव में मातम पसरा है और लोग न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *