* 19 लोगों की गिरफ्तारी के बाद कावरे तक पहुंचा SIT
*16 हजार टन से अधिक सरकारी चावल की हेराफेरी
राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के बहुचर्चित फोर्टिफाइड चावल हेराफेरी मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्वमंत्री रामकिशोर कावरे के बड़े भाई और हर्ष राइस इंडस्ट्रीज के संचालक राजकुमार कावरे को भोपाल के गोंविदपुरा से गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने रविवार को भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित रचना टॉवर के आसपास से उन्हें पकड़ा और उन्हे बालाघाट के वारासिवनी लाकर न्यायालय में पेश किया ।

चावल से भरे ट्रक पकड़े जाने के बाद
राजकुमार कावरे की गिरफ्तारी के साथ ही गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी बढकर 20 तक पहुंच गई है। इससे पहले हर्ष राइस इंडस्ट्रीज से जुड़े बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा, अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद से लोगो की नजर अगली कार्यवाही पर टिकी हुई थी। दरअसल, मामला 3 जून 2026 को वारासिवनी क्षेत्र में सरकारी फोर्टिफाइड चावल से भरे ट्रक पकड़े जाने के बाद सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ था कि एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए एफसीआई और अन्य सरकारी गोदामों से जारी चावल निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने के बजाय कथित तौर पर निजी राइस मिलों में पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जांच के आधार पर
पुलिस जांच के अनुसार, इस नेटवर्क में बिचौलियों, ट्रांसपोर्टरों, प्लांट प्रतिनिधियों और राइस मिल संचालकों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया था कि पिछले करीब एक वर्ष में 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक फोर्टिफाइड चावल एथेनॉल प्लांट के नाम पर जारी हुआ, जबकि करीब 5,459 मीट्रिक टन चावल की हेराफेरी के साक्ष्य जांच में सामने आए थे। जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी चावल को राइस मिलों में खपाने के बाद उसकी मिलिंग-पॉलिशिंग कर दोबारा सरकारी गोदामो में जमा किया गया।
जांच का दायरा कई राज्यों तक बढ़ा
एसआईटी पहले ही टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस इंडस्ट्रीज से दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त कर चुकी है। उक्त कार्रवाई के दौरान चार ट्रक और 100 से अधिक खाली बोरे भी बरामद किए गए थे। इसके बाद मिल से जुड़े साझेदारों की भूमिका को लेकर पूछताछ और गिरफ्तारी का सिलसिला आगे बढ़ा। अब राजकुमार कावरे की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी के सामने सबसे अहम सवाल कथित चावल की आवाजाही, स्टॉक रिकॉर्ड, परिवहन दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को जोड़ने का है। जांच का दायरा बालाघाट के अलावा सिवनी, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुका है। कई राइस मिलों को जांच के दायरे में लिया गया है।
किन लोगों की भूमिका सामने आती है
इस मामले में 19 सितंबर को वारासिवनी न्यायालय में करीब 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अब राजकुमार कावरे की गिरफ्तारी के बाद सबकी नजर SIT की पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों से इस कथित नेटवर्क में और आगे किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है। हालांकि किसी भी आरोपी की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण न्यायालयीन प्रक्रिया से ही होगा।