राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्लॉट और घर के साथ उसके पक्के राजस्व दस्तावेज होना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि ये दस्तावेज ही भू-स्वामी को उसका मालिकाना हक दिलाने के साथ उसे अपनी सम्पत्ति के क्रय-विक्रय का अधिकार भी दिलाते हैं। सरकार ने प्रदेश के ऐसे सभी भू-स्वामियों (जिनके पास उनके प्लॉट या मकान के पट्टे तो उपलब्ध हैं, परंतु पक्की रजिस्ट्री नहीं है), इन सभी को उनकी सम्पत्ति की पक्की रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की है।

राशि सरकार खुद वहन करेगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही ‘मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना’ के तहत सभी पात्रताधारियों को उनकी जमीन के पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी। पक्की रजिस्ट्री के लिए लगने वाली स्टॉम्प शुल्क की राशि राज्य सरकार अपने खजाने से भरेगी। इससे प्लॉट या मकान भू-स्वामी का होगा, रजिस्ट्री भी भू-स्वामी की ही होगी, परंतु उन्हें इस पक्की रजिस्ट्री का पैसा नहीं देना होगा। यह राशि सरकार खुद वहन करेगी।
स्वामित्व की रजिस्ट्री अपने सामने पूरी करायेंगे
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना’ के अमल में और भी तेजी लाएं। इस योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक आगामी 6 नवम्बर को (धनतेरस के दिन) अपने पैतृक ग्राम या अपनी पसंद के किसी भी गांव में जाकर उस गांव की मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की शत-प्रतिशत की रजिस्ट्री खुद सामने रहकर पूर्ण करायेंगे।