राजा भोज पर टिप्पणी से पंवार समाज का पूर्व सांसद के घर के सामने प्रदर्शन - rashtrmat.com

राजा भोज पर टिप्पणी से पंवार समाज का पूर्व सांसद के घर के सामने प्रदर्शन

 राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में गुरुवार को राजाभोज ब्रिज नामकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच पंवार समाज   ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के निवास के सामने प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 1 बजे समाज के सदस्य उनके घर पहुंचे और उनसे बाहर आकर जवाब देने की मांग करने लगे।जब कंकर मुंजारे घर से बाहर आए तो प्रदर्शनकारी उनकी ओर बढ़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच में आकर स्थिति को संभाला और उन्हें वापस घर के अंदर भेज दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पूर्व सांसद के बीच कहासुनी भी हुई।

पूर्व सांसद का पुतला दहन किया

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पूर्व सांसद का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध को देखते हुए पूर्व सांसद के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद दिखाई दी।

माफी और FIR की मांग

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों ने पूर्व सांसद का पुतला दहन किया और सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। पंवार समाज के लोगों का कहना था कि राजाभोज के संबंध में दिए गए कथित बयान को लेकर कंकर मुंजारे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की भी मांग की गई।धरने के कारण क्षेत्र में करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्या कहा था कंकर मुंजारे ने
जिला मुख्यालय स्थित गर्रा रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप राव ने 13 जून को किया था। इस ओवरब्रिज का नाम चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज के नाम पर रखा गया है। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद पूर्व सांसद कंकर मुंजारे पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के साथ ही उसका नाम राजा भोज के नाम पर रखे जाने पर भी आपत्ति जताई थी। इसी दौरान पूर्व सांसद ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि राजा भोज का बालाघाट से कोई लेना.देना नहीं है उन्हें यहां कोई नहीं जानता। फिर उनके नाम से ब्रिज का नाम क्यों रखा गया।उन्होंने यह भी कहा था कि राजा भोज ने बालाघाट जिले के लिए कोई कार्य नहीं किया और कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए राजा भोज का नाम बालाघाट लेकर आए।

दोनों पक्षों के बीच मतभेद बरकरार

पंवार समाज के अध्यक्ष विशाल बिसेन ने कहा कि समाज अपने सम्मान से जुड़े मुद्दों पर आगे भी आवाज उठाता रहेगा। वहीं, पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने आंदोलन को प्रायोजित बताया। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई और कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं तथा माफी नहीं मांगेंगे। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बरकरार हैं।

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