तू अगर झूठ भी बोले तो एतबार करूं.. नयी रील संजय गांधी अस्पताल की - rashtrmat.com

तू अगर झूठ भी बोले तो एतबार करूं.. नयी रील संजय गांधी अस्पताल की

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। सोशल मीडिया पर रील लोड करने वालों का शौक अजब है। शौक अच्छी चीज है और बुरी भी। शौक आदमी को जिंदा रखता है। लेकिन कुछ शौक मजाक और उपेक्षा के पात्र व्यक्ति को बना देते हैं। यह अलग बात है कि रील बनाने वालों को इससे यह नहीं मतलब कि रील जहां बना रहे हैं, वो रील बनाने की जगह है या नही। एक रील संजय गांधी अस्पताल में गाने के साथ बनी है। जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दिल तो देते हैं सब,दिल की औकात क्या.. । मेर दिल का हाल क्या है,क्या कहूं तुमसे। तू अगर झूठ भी बोले तो एतबार करूं। तीन रील बनाया गया है। रील बनाने वाली लड़की का नाम शैलू शर्मा है। जिसके 636 के फाॅलोवर हैं।संजय गांधी प्रबंधन का कहना है कि संजय गांधी अस्पताल रील बनाने की जगह नहीं है। यहां लोग इलाज कराने आते हैं। यह संवेदनात्मक जगह है।


शैलू बघेली कलाकार है
शासकीय संजय गांधी अस्पताल के अंदर एक युवती के फिल्मी गानों पर रील बनाकर उसे अपने इंस्टाग्राम प्लेटफार्म में पोस्ट किया है। जो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती अस्पताल में फिल्मी गानों पर पोज देती और डांस करती नजर आ रही है। वीडियो में दिख रही युवती का नाम शैलू शर्मा है,जो बघेली कलाकार है। वीडियो सामने आने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने जांच की बात कही है।


एक नयी जगह रील की
संजय गांधी अस्पताल विंध्य का सबसे बड़ा अस्पताल है,जहां रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं इस अस्पताल के अंदर एक युवती ने रील बनाकर सबको चैंका दिया। रीवा में अभी तक स्कूल, कालेज और चैराहों में विडियो बनाकर युवा सोशल मीडिया में अपलोड करते आये हैं। लेकिन अब बघेली कलाकार शैलू शर्मा ने विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में वीडियो बनाया और सोशल मीडिया में अपलोड भी किया।


संवेदनात्मक जगह को स्टुडियो न बनाएं
संजय गांधी अस्पताल जहां लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आए दिन नए नए नियम बनते रहते हैं, और मरीज के साथ सिर्फ एक अटेंडर को रहने की अनुमति रहती है। वहां रील बनाने की अनुमति कैसे मिली और किसने दी। यह सवाल उठना लाजिमी है। जहां लोग जीवन मृत्यु के बीच जूझते हैं, वहां इस तरह की गतिविधियां अशोभनीय है। बघेली कलाकार शैलू के बनाए गए रील पर सीएमओ यत्नेश त्रिपाठी ने कहा,संजय गांधी अस्प्ताल रील बनाने की जगह नहीं है। यहां लोग इलाज कराने आते हैं। यह संवेदनात्मक जगह है।इसे रील बनाने का स्टुडियो नहीं बनाना चाहिए। इस बात की जानकारी अपने बड़े अधिकारियों तक पहुंचायी जाएगी। उनका जैसा आदेश होगा वैसा किया जाएगा। फिर भी सबसे यही कहूंगा कि अस्पताल परिसर में रील नहंीं बनाना चाहिए।

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