राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट (ब्यूरो)। अति नक्सल प्रभावित रहे ग्राम दड़ेकसा में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। इस पर विविध कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसकी शुरुआत गोगो पूजा के बाद रैली निकालकर हुई। इसमें आसपास के आधा दर्जन से अधिक ग्राम के सैकड़ों लोग शामिल हुए। सभी का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं की अलग-अलग टोलियों ने एक से बढकऱ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थिजनों ने खूब सराहा।
आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करें
वक्ताओं ने विश्व आदिवासी दिवस के महत्व के बारे में बताया। जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और अपनी परंपराओं के सहेजन की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि एक रोटी कम खाना पर अपने बच्चों को स्कूल जरूर पहुंचाना। शिक्षा से बढकऱ दुनिया में कुछ भी ताकतवर नहीं है। आदिवासी समाज को उनका हक दिलाने के लिए पढ़ाई की बहुत आवश्यकता है। समाज के सभी लोगों को आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करने का संकल्प लेना होगा। नशा नाश करता है। इसलिए इससे दूरी बनानी होगी। कमल सिंह बरकड़े, सुखड़ती बरकड़े, सोमसिंह बरकड़े, अजब सिंह टेकाम, तुलसीराम टेकाम, लामू सिंह टेकाम आदि उपस्थित रहे।
बच्चों को पढ़ाएं और आगे बढ़ाए
समाज के सभी लोगों को शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। शिक्षित व्यक्ति से ही समाज में परिवर्तन आता है। सभी लोग हर जतन कर बच्चों को पढ़ाएं और आगे बढ़ाए।
– प्रह्लाद कुमार सहारे, जिलाध्यक्ष सर्व सामाजिक संगठन
समाज का बेहतर कल्याण होगा
विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाना तभी सार्थक होगा, जब गांव के बच्चे पढ़ाई लिखाई में आगे होंगे। समाज जनों को एकजुट होकर इस पर ध्यान देना है। तभी समाज का बेहतर कल्याण होगा।
– चंदन उइके, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत दड़ेकसा
बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना
नौ अगस्त 1995 से देश में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। हमलोग कुछ वर्षों से बड़े स्तर पर आयोजन कर रहे हैं। इसका उद्देश्य सभी को इसका महत्व बताना। बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
– फूल सिंह मरावी, सरपंच ग्राम पंचायत दड़ेकसा
बेहतर समाज बना पाएंगे
नशा छोडकऱ किताब पकडऩा है। पढ़ लिखकर समाज के लोगों की मदद करनी है। अपने बच्चों को शिक्षित बनाने सभी समाज के लोगों को संकल्प लेकर आगे बढऩा है। एक रोटी कम खाओ पर बच्चों को पढ़ाओ’ तभी हम बेहतर समाज बना पाएंगे।
– सुमरत परते, समाजसेवी